बीकानेर आतंकी हमले में बस्ती के अग्निवीर नरेंद्र यादव बलिदान, गांव में छाया मातम

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 जिला मुंख्यालय से 22किलोमीटर की दूरी पर स्थित उमरी अहरा गांव निवासी अग्निवीर 22 वर्षीय नरेंद्र कुमार यादव शहीद हो गए। इनकी पोस्टिंग राजस्थान के वीकानेर में थी।जवान अपने कैंप पर बैठे हुए थे कि उसी समय शनिवार को कैंप पर आतंकी हमला हो गया।

इस हमले में उमरी अहरा निवासी जवान नागेंद्र शहीद हो गये। इनके शहीद होने की खबर शनिवार की रात आठ बजे छोटे भाई वीजेन्द्र के मोबाइल पर आते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया, हर तरफ चीख पुकार मच गई।

मुंडेरवा नगरपंचायत के वार्ड संख्या12पटेल नगर(उमरी अहरा) निवासी रामरक्षा यादव गरीब किसान हैं। उनके दो पुत्र और एक पुत्री है।जिसमें बिटिया रूना यादव 25वर्ष सबसे बड़ी है। नरेन्द्र उससे छोटा था तथा सबसे छोटा वीजेन्द्र है। नरेंद्र कुमार यादव सहजनवां में अपने मामा के घर रहकर रेशमा रावत इंटर कालेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट करने के बाद गांव पर आकर गिठिनी में स्थित एक निजी विद्यालय से बीए की पढ़ाई कर सेना भर्ती की तैयारी में जुट गए।

वर्ष2024 में नरेंद्र अग्नि वीर योजना में शामिल हो गये और 24 नवंबर2024को घर बंगलुरू में छः माह की ट्रेनिंग के बाद उनकी तैनाती अग्निवीर सेना में रास्थान के वीकानेर में हुई थी।

शनिवार रात्रि आठ बजे जब परिवार के लोग भोजन करने जा रहे थे,उसी समय छोटे वीजेन्द्र यादव की मोबाइल की घंटी बजी और सूचना मिली की आपके भाई आतंकी हमले में शहीद हो गये है।यह खबर सुन भाई दहाड़े मारकर रोने लगा ।पिता रामरक्षा मां रमावती व बहन रूना ने जब घर के कमाऊ पूत कके शहीद होने की खबर सुनी तो सब दहाड़े मारकर रोने लगे।रोने की आवाज सुनकर पूरा गांव जुट गया और इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर सबकी आंखे नम हो गयीं।

नरेंद्र की मौत से शोक में डूबा उमरी गांव
उमरी गांव में नरेंद्र की मौत की खबर आने के बाद पूरा गांव गम में डूबा हुआ है।उमरी निवासी जयराम चौधरी, रामकेश, बालकेश सहित अन्य लोगों ने कहा कि नरेंद्र बहुत सज्जन था और पूरे परिवार की उम्मीदें उसपर थी।

रोते-रोते सूख गये पिता के आंसू
नरेंद्र की मौत से पिता रामरक्षा यादव के आंशू सूख चुके है। उनका कहना है परिवार को बेटे से बड़ी उम्मीद थी और अब जीने का सहारा ही छिन गया।बिटिया की शादी और छोटे बेटे की पढ़ाई के साथ घर के सारे अरमानों पर आतंकी हमले में बेटे की असमय मृत्यु से पानी फिर गया।
शहीद का शव सोमवार को सुबह छः बजे उनके पैतृक निवास उमरी अहरा आने की उम्मीद है।

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