सेक्टर-102 में 679.08 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा श्री माता शीतला देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल पर संचालित होगा। अस्पताल के संचालन एवं रखरखाव के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
18 जून को टेंडर जारी किया गया था और इस प्रक्रिया के एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को आधुनिक, बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी यह संस्थान खास भूमिका निभाएगा।
इस परियोजना के तहत 150 सीटों वाला मेडिकल कालेज और 883 बेड का आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल विकसित किया जा रहा है। अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के साथ अत्याधुनिक आपरेशन थिएटर, आइसीयू, इमरजेंसी, डायग्नोस्टिक और अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मेडिकल कॉलेज शुरू होने से प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें बढ़ेंगी और नए चिकित्सकों को प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इससे गुरुग्राम के लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या निजी अस्पतालों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
संचालन एवं रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल
जीएमडीए ने अस्पताल की गैर-चिकित्सा सेवाओं, रखरखाव, सुरक्षा, आइटी प्रबंधन, सुविधा संचालन तथा अन्य सहायक सेवाओं के लिए पीपीपी मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है। इसी उद्देश्य से 18 जून को टेंडर जारी किया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि निजी भागीदारी से अस्पताल के संचालन में दक्षता बढ़ेगी, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली लागू होगी और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं समय पर मिल सकेंगी।
84 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता शेखर नांदल ने बताया कि परियोजना का सिविल सहित कुल 84 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल के गैर-चिकित्सा एवं आइटी संबंधी कार्य तेजी से चल रहे हैं और इन्हें 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद संचालन से जुड़ी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।


