कानपुर में कोचिंग सील होने से छात्रों के भविष्य का क्या होगा? जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का सख्त निर्देश

लखनऊ अग्निकांड के बाद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की टीम अब तक 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर चुकी है, जबकि नियमों का उल्लंघन मिलने पर केडीए की ओर से सीलिंग की कार्रवाई हो रही है, लेकिन इस कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उनके भविष्य को लेकर कोचिंग संचालकों के साथ ही प्रशासन की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

इस मामले में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है तो प्रशासन हस्तक्षेप करेगा। छात्रों की पढ़ाई आनलाइन या अन्य माध्यमों से पूरी कराने की जिम्मेदारी भी संस्थानों की होगी। पेश है जिलाधिकारी से संवाददाता रितेश द्विवेदी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश….

  • सवाल: जनपद में कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं?
  • जवाब: छात्रों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर हुई घटनाओं के बाद शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कोचिंग संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। कानपुर में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की टीम अब तक करीब 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर चुकी है। जहां भी गंभीर खामियां मिली हैं, वहां संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। यदि कोई भवन सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो केडीए की ओर से सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा रही है।
  • सवाल: सील की कार्रवाई से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं ?
  • जवाब: हमारा उद्देश्य पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई सुनिश्चित करना है। यदि किसी संस्थान की लापरवाही के कारण संचालन प्रभावित होता है तो कोचिंग संचालकों की जिम्मेदारी होगी कि वे छात्रों की पढ़ाई बाधित न होने दें। जरूरत पड़ने पर आनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा कराया जाए। किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। यह कोचिंग संस्थानों की जिम्मेदारी है,जिसके लिए उन्हें फीस दी गई है।
  • सवाल: यदि कोई कोचिंग संस्थान आनलाइन या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करता है तो प्रशासन क्या करेगा?
  • जवाब: यदि किसी संस्थान की लापरवाही से छात्रों की पढ़ाई अधूरी रह जाती है या उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो प्रशासन हस्तक्षेप करेगा। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
  • सवाल: कोचिंग संस्थानों और भवन स्वामियों की प्रशासन ने क्या जिम्मेदारी तय की है?
  • जवाब: भवन की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, पर्याप्त स्थान, पार्किंग, विद्युत सुरक्षा और अन्य सभी मानकों का पालन करना पूरी तरह कोचिंग संचालकों के साथ ही भवन स्वामियों की भी जिम्मेदारी है। केवल पढ़ाई कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। इस मामले में दोनों के खिलाफ कार्रवाई तय की जा रही है।
  • सवाल: कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर मंडल स्तर पर भी कोई समीक्षा की जा रही है?
  • जवाब: जी हां। जिलाधिकारी के रूप में मंडल मुख्यालय के सभी कोचिंग संस्थानों की रिपोर्ट मांगी गई है। जहां भी नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई होगी। हमारा प्रयास है कि पूरे मंडल मुख्यालय में एक समान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, इसको लेकर कोई समझौता नहीं होगा।
  • सवाल: यदि निरीक्षण में लापरवाही अधिकारियों की भी सामने आती है तो क्या होगा?
  • जवाब: यदि यह पाया जाता है कि संबंधित स्तर पर निरीक्षण या निगरानी में लापरवाही बरती गई है तो उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रमुख सचिव को भी विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। जवाबदेही केवल संस्थानों की नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी तय होगी।
  • प्रश्न: जनपद में कोचिंग संस्थानों की वर्तमान स्थिति क्या है?
  • उत्तर: उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में तीन सौ से अधिक कोचिंग संस्थान पूर्व में पंजीकृत कराए गए हैं, जबकि केवल 37 संस्थान ने ही पंजीकृत का नवीनीकरण कराया है। यह गंभीर विषय है। सभी संस्थानों की जांच कराई जा रही है और पंजीकरण सहित अन्य नियमों के पालन की समीक्षा की जा रही है। जो संस्थान नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
  • सवाल: अभिभावकों और छात्रों के लिए आपका क्या संदेश है?
  • जवाब: अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश केवल ऐसे संस्थानों में कराएं जो निर्धारित मानकों का पालन करते हों। यदि कहीं सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे तो प्रशासन को तत्काल सूचना दें। आपकी सतर्कता भी बच्चों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमारी प्राथमिकता स्पष्ट है, हर छात्र सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी छात्र की पढ़ाई बीच में न रुके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *