मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भंगेल एलिवेटेड के पिलर नंबर 59 (बरौला टी-प्वाइंट) पर 67.81 करोड़ रुपये की लागत से क्लोवर लीफ का शिलान्यास किया। यह डायमंड इंटरचेंज एलिवेटेड के बीच में चढ़ने और उतरने की सुविधा देगा।
सेक्टर-40 आगाहपुर से सेक्टर-82 एनएसईजेड बने 5.5 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले इस एलिवेटेड पर अब स्थानीय लोगों को भी आसानी से पहुंच मिल सकेगी। जून 2020 में निर्माण शुरू होने के बाद से ही बरौला टी-प्वाइंट पर लूप की मांग जोर पकड़ने लगी थी। 608 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एलिवेटेड को नवंबर में यातायात के लिए खोल दिया गया था।
जाम से मिलेगी मुक्ति
प्राधिकरण ने पहले मुख्य संरचना को पूरा करने को प्राथमिकता दी। सात महीने बाद अब अतिरिक्त ट्रैफिक इंटरचेंज का काम धरातल पर उतर रहा है। दो वर्ष में पूरा होने वाला यह क्लोवर लीफ क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बदलने का कार्य करेगा। सेवन एक्स सेक्टर (74 से 79) की 49 सोसायटियों में रहने वाले तीन लाख और 100 एक्स सेक्टरों (101, 104, 107, 119, 120, 121) की 29 सोसायटियों में रहने वाले एक लाख लोगों को मिलेगा।
इसके अलावा सेक्टर 42, 47, 48, 49 और हाजीपुर, बरौला, सलारपुर गांव भी एलिवेटेड रोड से बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे। एलिवेटेड पर बीच पर चढ़ने और उतरने के लिए कोई लूप नहीं होने की वजह से लाखों लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। क्लोवर लीफ बनने से दादरी रोड और विश्वकर्मा रोड पर लगने वाला जाम कम होगा। निर्माण कार्य पूरा होने पर वाहन चालक एलिवेटेड पर बीच से चढ़ और उतर सकेंगे। यहां लूप लोगों की मांग थी। सीएम ने यहां क्लोवर लीफ बनाने का शिलान्यास किया।
क्या बोले लोग
सेवन एक्स में तीन लाख से अधिक आबादी है। लूप नहीं होने से भंगेल एलिवेटेड का उपयोग शायद ही कोई कर रहा हो। लूप का निर्णय जनहित में है।
पुनीत शर्मा, नोफा अध्यक्ष
लूप यहां की आवश्यकता थी। अब उम्मीद है कि यह दो वर्ष में पूरा कर लिया जाए। परियोजना में देरी नहीं होनी चाहिए।
बृजेश शर्मा, सेक्टर-79 अंतरिक्ष गोल्फ व्यू निवासी
यह लूप एलिवेटेड के साथ बनना चाहिए। देरी से बन रहा है। लूप बनाने के लिए प्राधिकरण में कई पत्र भी दिए थे।
पवन यादव, सेंचुरी अपार्टमेंट सेक्टर-100
इस लूप से हर किसी को लाभ मिलेगा। भंगेल और बरौला बडी मार्केट हैं। व्यापारी और दुकानदार इससे लाभान्वित होंगे।
आशीष सिंघल, पंचशील प्रतिष्ठा, सेक्टर-75
परियोजनाओं के साथ लोगों की जरूरत शुरूआती चरण में ही देखी जानी चाहिए। लूप बनने के बाद एलिवेटेड हमारे लिए पूर्ण उपयोगी होगा।
दीपक गर्ग, सिविटेक स्टेडिया, सेक्टर-79


