वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में खोदाई के दौरान मिले प्राचीन सिक्के गायब होने के मामले में पुलिस एक वर्ष बाद चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। विवेचक ने सोमवार को घटनास्थल वनखंडेश्वर मंदिर की उस कोठरी का निरीक्षण किया, जिसमें सिक्के रखे गए थे।
वहीं मामले में पुरातत्व से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ के लिए विवेचक ने अधिकारियों को पत्र लिखा है। अनुमति पत्र मिलने के बाद विवेचक उनका बयान दर्ज करेंगे।
गांव कोटला स्थित वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में पिछले वर्ष मई में पर्यटन विकास के तहत खोदाई के दौरान मिट्टी के दो मटकों में मिले प्राचीन सिक्के थे।
घटना के एक वर्ष बाद पुलिस ने दर्ज की है प्राथमिकी
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप ने इसकी सूचना पुरातत्व विभाग की आगरा इकाई को दी थी। टीम ने जांच के बाद बताया था कि सिक्के प्राचीन हैं और इसे संग्रहालय में रखा जाएगा। विस्तृत जांच के लिए टीम कुछ सिक्के अपने साथ ले गई और बाकी सिक्के ट्रस्ट अध्यक्ष की सिपुर्दगी में कर दी थी। अध्यक्ष ने सिक्कों को एक बोरी में करके मंदिर की एक कोठरी में रखवा दिया था।
पुरातत्व अधिकारियों से पूछताछ के लिए लिखा गया पत्र
18 जून 2025 को पुरातत्व विभाग की टीम फिर से आई तो सिक्के नहीं मिले थे। ट्रस्ट अध्यक्ष ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने ठेकेदार पवन को पकड़कर पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब कोटला चौकी प्रभारी जयचंद्र बाबू शर्मा की तहरीर पर मंदिर परिसर से प्राचीन सिक्के चोरी जाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक यशपाल सिंह भाटी ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। कोठरी में कुछ नहीं मिला है। अब मामले में पुरातत्व अधिकारियों से पूछताछ की जानी है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। अधिकारियों की अनुमति के बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा। थानाध्यक्ष राकेश गिरी ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।


