सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में स्वयं को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताने वाले एक व्यक्ति पर वर्षों से लग रहे कथित धोखाधड़ी और ठगी के आरोप एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार मामला सीधी जिले के एक युवक से जुड़ा है, जिसने हिंडालको कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, सिंगरौली जिले के निवासी रितेश शाह पर पहले भी कई लोगों द्वारा विभिन्न थानों में शिकायतें दी गई थीं। आरोप है कि उसने कई लोगों को मनचाही जगह पर पोस्टिंग दिलाने, बड़ी कंपनियों में नौकरी लगवाने तथा अन्य प्रभावशाली संपर्कों का हवाला देकर पैसों की वसूली की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और कई मामलों में जांच अभी भी लंबित बताई जा रही है।

इसी बीच सीधी जिले के निवासी सूर्यभान उर्फ सूर्या शाह ने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पूर्व रितेश शाह ने उसे हिंडालको कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में उससे लगभग एक लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई।
पीड़ित युवक का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से कार्रवाई के लिए लगातार भटक रहा था। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसने कांग्रेस नेता राम शिरोमणि शाहवाल से संपर्क किया। इसके बाद राम शिरोमणि शाहवाल ने पूरे मामले को लेकर सिंगरौली पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. से मुलाकात की और शिकायत से अवगत कराया।
बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बरगवां थाना पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद 6 जून 2026 को बरगवां पुलिस ने शिकायतकर्ता सूर्यभान उर्फ सूर्या शाह की शिकायत पर आरोपी रितेश शाह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया। वर्तमान में मामले की जांच जारी है।

प्रेस वार्ता में लगाए गंभीर आरोप
मामला दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता राम शिरोमणि शाहवाल ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में रितेश शाह पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरोपी वर्षों से लोगों को झांसा देकर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है। शाहवाल ने उसे “सिंगरौली का नटवरलाल” तक करार दिया।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि रितेश शाह फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी संलिप्त रहा है। हालांकि इन आरोपों की जांच और पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जाना बाकी है।
AI तकनीक से नेताओं के साथ फोटो बनाकर लोगों को करता था प्रभावित?
राम शिरोमणि शाहवाल ने यह भी दावा किया कि आरोपी आधुनिक एआई तकनीक का उपयोग कर प्रदेश और देश के बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें तैयार कराता था। आरोप है कि वह इन तस्वीरों को लोगों को दिखाकर अपनी राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का दावा करता था तथा इसी आधार पर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करता था। प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान मुख्यमंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ एआई तकनीक से तैयार तस्वीरों का उपयोग लोगों को प्रभावित करने के लिए किया।
फिलहाल बरगवां थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।


