सिंगरौली में बाल विवाह पर बड़ा प्रहार:मंडप सजा, बारात आई, तभी पहुंचे SP सियाज केएम… 13 वर्षीय बच्ची का बाल विवाह रुकवाया

सिंगरौली। जिले के खुटार चौकी क्षेत्र अंतर्गत कांजी गांव में एक 13 वर्षीय मासूम बालिका की शादी कराए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल विवाह रुकवा दिया। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिंगरौली सियाज के एम स्वयं मौके पर पहुंचे और अपनी मौजूदगी में नाबालिग बच्ची को बाल विवाह की कुप्रथा का शिकार होने से बचाया।

जानकारी के अनुसार कंजी गांव में एक 13 वर्षीय बालिका का विवाह कराने की तैयारियां चल रही थीं। शादी के लिए मंडप सज चुका था, रिश्तेदार और मेहमान पहुंच चुके थे तथा बारात भी गांव में आ चुकी थी। इसी बीच मामले की सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंची। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी संबंधित परिवार को बाल विवाह न करने के लिए समझाइश दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद परिवार के कुछ सदस्य नाबालिग बच्ची की शादी कराने पर अड़े हुए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली सियाज केएम ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई की। वे स्वयं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिंह एवं पुलिस बल के साथ कंजी गांव पहुंचे। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली और बालिका की उम्र की पुष्टि के बाद विवाह की प्रक्रिया को तत्काल रुकवा दिया।

SP की तत्परता बनी चर्चा का विषय

सूत्र बताते हैं जिस समय पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, उस समय शादी की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। यदि प्रशासन कुछ देर और करता तो विवाह संपन्न हो सकता था। ऐसे में पुलिस अधीक्षक की त्वरित कार्रवाई ने एक मासूम बच्ची का भविष्य सुरक्षित कर दिया।kahetr में इस कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि आमतौर पर ऐसे मामलों में अधिकारी अधीनस्थ कर्मचारियों को भेजते हैं, लेकिन इस मामले में पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे, जिससे प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी।

बाल विवाह के खिलाफ सख्त संदेश

इस कार्रवाई के जरिए पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के अनुसार बाल विवाह अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रामीणों ने की प्रशंसा

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस अधीक्षक सियाज केएम और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई ने एक मासूम बच्ची को कम उम्र में विवाह के बंधन में बंधने से बचा लिया। लोगों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई समाज में जागरूकता बढ़ाने और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अपडेट: 7:30 pm date: 19 जून 2026

पुलिस द्वारा मिले आधिकारिक सूचना में जानकारी प्राप्त हुई कि नाबालिक की उम्र लगभग 13 वर्ष 10 माह बताई गई है।

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