पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक गुरुद्वारा में सेवादार पति-पत्नी की हत्या से दिल्ली के सिखों में रोष है। पूर्व में भी पाकिस्तान में सिखों व हिंदुओं की हत्या, महिलाओं के अपहरण, मतांतरण की घटनाएं हो चुकी हैं।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत न्याय दिलाया जाए।
डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि सेवादार परिवार हमेशा गुरु घर की सेवा में ही समर्पित रहते थे। उन्हें अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
किसी भी व्यक्ति की हत्या निंदनीय है, लेकिन गुरु घर के उन सेवादारों की हत्या, जिनके पास कोई हथियार नहीं था, जिनका किसी से कोई विवाद नहीं था और जो केवल सेवा कार्यों में लगे रहते थे, बेहद दुखद और चिंताजनक है।
कालका और काहलों ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्हें कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ऐसे लोग मानवता के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
समाज में ऐसा संदेश देने के लिए दोषियों को उदाहरणात्मक सजा दी जानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। भाजपा नेता आरपी सिंह सहित अन्य सिखों ने भी इसकी निंदा की है।


