मुंगेर में गंगा नदी में अचानक तैरने लगी कार! ढलान पर चालक की एक भूल और फिर जो हुआ… देखिए वीडियो

बिहार के मुंगेर जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला और अनोखा मामला सामने आया है, जहां गंगा नदी की लहरों पर नाव की जगह एक चमचमाती कार तैरती हुई नजर आई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक सीताकुंड डीह स्थित गंगा घाट पर बुधवार को यह पूरा नजारा देखने को मिला। कार के चालक की एक छोटी सी लापरवाही और भूल के कारण घाट पर खड़ी गाड़ी सीधे गंगा नदी में जा पहुंची और काफी देर तक पानी की तेज धारा में हिचकोले खाती रही।

कार को पानी में बहता देख घाट पर मची अफरा-तफरी

गंगा घाट के किनारे खड़ी कार को अचानक नदी की मुख्य धारा में बहता देख वहां मौजूद स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और नाविकों के होश उड़ गए। पानी में पहुंचने के बाद कार पूरी तरह डूबी नहीं, बल्कि हवा के दबाव के कारण कुछ दूरी तक नाव की तरह लहरों के ऊपर तैरती रही। इस अजीबोगरीब और अप्रत्याशित दृश्य को देखकर घाट पर मौजूद लोगों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानिए सहरसा से मुंगेर कैसे पहुंची थी यह बदनसीब कार

मिली जानकारी के अनुसार, सहरसा जिले के नवहट्टा के रहने वाले चुन्नू मुखिया बुधवार को अपनी इसी कार से मुंगेर आए थे। वे यहां मुमुक्षु क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य निवास मंडल के घर पर मेहमान बनकर पहुंचे थे। जिला परिषद सदस्य के आवास के पास ही गंगा घाट का किनारा है। गाड़ी का चालक चुन्नू मुखिया और अन्य सहयोगियों को उतारकर वाहन को गंगा घाट के किनारे ढलान वाले सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया और खुद भी पास में ही बातचीत करने के लिए चला गया।

चालक की एक भूल और ढलान से सीधे गंगा में उतरी गाड़ी

इस पूरे हादसे के पीछे चालक की एक बहुत बड़ी तकनीकी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, घाट के किनारे वाहन पार्क करते समय चालक गाड़ी में हैंडब्रेक (Handbrake) लगाना पूरी तरह भूल गया। चूंकि गंगा घाट का वह पूरा हिस्सा काफी ढलान पर था, इसलिए बिना हैंडब्रेक के खड़ी कार धीरे-धीरे पीछे की तरफ खिसकने लगी। जब तक वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति की नजर गाड़ी पर पड़ती या कोई कुछ समझ पाता, तब तक वाहन असंतुलित होकर सीधे गंगा नदी के गहरे पानी में उतर गया।

शोर सुनकर दौड़े जिला परिषद सदस्य और मेहमान, उड़ गए होश

घाट पर अचानक हुए इस भारी शोर-शराबे को सुनकर जिला परिषद सदस्य निवास मंडल और उनके मेहमान चुन्नू मुखिया तुरंत घर से बाहर निकलकर दौड़ पड़े। जब उन्होंने अपनी आँखों के सामने अपनी ही कार को गंगा की लहरों के बीच तैरते और बहते हुए देखा, तो वे भी पूरी तरह स्तब्ध और अवाक रह गए। देखते ही देखते इस अजीबोगरीब हादसे की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाकर शुरू किया बचाव कार्य

कार को नदी में डूबने से बचाने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और नाविकों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जिला परिषद सदस्य निवास मंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन स्थानीय प्रशासन को सूचित किया और कुशल गोताखोरों की एक विशेष टीम को मौके पर बुलाया। चूंकि कार नदी की तेज धारा के साथ आगे की ओर बढ़ती जा रही थी, इसलिए उसे रोकना और सुरक्षित किनारे तक लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम था।

गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाली गई कार

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे स्थानीय गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाई और भारी रस्सियों के सहारे कार को एक जगह पर बांधा। इसके बाद दर्जनों ग्रामीणों, नाविकों और गोताखोरों की संयुक्त मदद और काफी कड़ी मशक्कत के बाद कार को गंगा की तेज धारा से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नदी से बाहर निकाले जाने के बाद वाहन मालिक और चालक ने राहत की सांस ली। गनीमत यह रही कि इस पूरे हादसे के वक्त कार के भीतर कोई भी व्यक्ति सवार नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई हताहत नहीं हुआ।

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