कांग्रेस में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद द्वारा लिखे गए पत्र केे बाद पार्टी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के कई नेता पार्टी के लिए कार्यक्रम तय करने से पहले प्रदेश संगठन की अनुमति को ठीक नहीं मानते हैं।
अपनी बात रखने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिल रहे हैं। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अध्यक्ष से मुलाकात की तो अगले दिन ही मंगलवार को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने पहुंच गए।
साेमवार को ही उन्होंने प्रदेश प्रभारी द्वारा जारी किए गए पत्र का हवाला देते हुए प्रदेश संगठन की ओर पत्र जारी किया था। सूत्रों मुताबिक दोनों नेताओं ने अपने-अपने तरीके से राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रदेश प्रभारी के लिखे गए पत्र से नफा-नुकसान बताया है। हालांकि दोनों की ओर से जा सार्वजनिक बयान दिया गया उसमें संगठन को लेकर चर्चा की बात कही गई।
लेकिन सियासी चर्चा यह हो रही है कि मुलाकात अनुशासन बनाए रखने के लिए लिखे गए पत्र को लेकर हुई है। दरअसल प्रदेश प्रभारी द्वारा 28 मई को प्रदेश के संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा था कि पार्टी के कार्यक्रम को पहले पार्टी संगठन से अनुमति ले उसके बाद ही कार्यक्रम करें। वहीं कार्यक्रम स्थल पर लगने वाली तस्वीर लगाते समय संगठन के प्रोटोकाल की पालना की जाए।
इसी पत्र का हवाला देते हुए सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष ने एक पत्र फिर से जारी किया था। पत्र में दिए गए निर्देश को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई विधायकों ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। कहा था कि सांसद और विधायक जनता द्वारा चुने गए हैं।
जनता की आवाज उठाने वालों को अनुमति की परिधि में नहीं रखना चाहिए। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुई मुलाकात को लेकर राव नरेंद्र सिंह ने ने कहा उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भाजपा सरकार की विफलता और प्रदेश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता अभियान के बारे में बताया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन की गतिविधियों की सराहना करते हुए प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।


