चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए परास्नातक (पीजी) व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध कालेजों में संचालित सभी स्नातकोत्तर व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आनलाइन पंजीकरण 17 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक किए जा सकेंगे।
वहीं, विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। ऐसे अभ्यर्थी जो अभी तक आवेदन नहीं कर सके हैं, वे निर्धारित अवधि के भीतर यूजी में अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी बुधवार से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.ccsuniversity.ac.in पर जाकर एडमिशन 2026-27 लिंक के माध्यम से करना होगा। पंजीकरण के लिए 130 रुपये शुल्क आनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से जमा करना होगा। एक पंजीकरण शुल्क के माध्यम से अभ्यर्थी अधिकतम तीन पाठ्यक्रम, कालेज या विश्वविद्यालय परिसर विभागों का चयन कर सकेंगे।
साथ ही विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के लिए एक साथ आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। प्रवेश समन्वयक ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विश्वविद्यालय परिसर विभागों और संबद्ध महाविद्यालयों व संस्थानों को विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित समयावधि में पंजीकृत पात्र अभ्यर्थियों की वरीयता सूची और प्रतीक्षा सूची आरक्षण नियमों के अनुसार तैयार कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों में प्रवेश लें जिनमें उन्हें सत्र 2026-27 के लिए विधिवत संबद्धता प्राप्त हो। संबद्धता के बिना लिए गए प्रवेश मान्य नहीं होंगे और इसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय की होगी।
यूजी में हो चुके हैं 83 हजार पंजीकरण
सीसीएसयू परिसर और संबद्ध कालेजों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों में अब तक करीब 83 हजार पंजीकरण हो चुके हैं। विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले मेरठ मंडल के छह जिलों में स्नातक स्तर पर व्याप्त सीटों के सापेक्ष कम पंजीकरण होने के कारण विश्वविद्यालय ने पंजीकरण तिथि बढ़ाई है।
साथ ही काफी संख्या में विद्यार्थियों ने भी समर्थ पोर्टल के जरिए पंजीकरण करने में परेशानी होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। छात्रों के फीडबैक के आधार पर विश्वविद्यालयअपडेट भी किया जा रहा है।


