दिल्ली-एनसीआर को विकास पथ पर लाने के लिए आयोजित बहुप्रतिक्षित नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB/एनसीआरपीबी) की 42वीं बैठक मंगलवार को हुई। उक्त बैठक में कई अहम निर्णयों पर सहमति बनी। इस बीच एनसीआर क्षेत्र में सड़कों पर दौड़ रहीं बीएस 1, 2, 3 को सड़कों से हटाने पर सभी एकमत हुए। वहीं, प्रदेश में बीएस-6 वाहनों को बढ़ावा देने की नीतियों को लागू करने पर सबने सहमति जताई। बैठक के संबंध में बोर्ड के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, ‘दो माह के बाद रीजनल प्लान 2041 को घोषित कर दिया जाएगा।’
बीएस-4 वाहनों को अन्य जिलों में बेच सकेंगे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैठक में तय किए गए सभी प्रस्तावों को दो माह के बाद रीजनल प्लान 2041 को घोषित कर दिया जाएगा। इसमें एनसीआर के क्षेत्र में कोई कमी नहीं होगी। वहीं, एनसीआर के पर्यावरण को सुधारने के लिए तीन श्रेणियों में बंदिशों को लागू किया जाएगा। इसके तहत मंत्री ने बताया कि प्रदूषण के मद्देनजर बीएस 6 वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अंतर्गत बीएस 1, 2, 3 को सड़कों से हटाया जाएगा। वहीं, बीएस-4 वाहनों को अन्य जिलों में बेचा जा सकेगा। इस संबंध में बनाई गई परिवर्तन स्कीम को संबंधित राज्यों को नोटिफाई कराया जाएगा।
हर राज्य के चार बड़े शहर जुड़ेंगे नमो भारत से
वहीं, एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अरावली क्षेत्र के तहत फॉरेस्ट एरिया से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। अलबत्ता ग्रीन कवर को बढ़ावा दिया जाएगा। सड़कों पर बेतरतीब तरीके से रफ्तार भर रही गाड़ियों की संख्या को कम करने के लिए अगले दो दशकों में मेट्रो और नमो भारत का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत चार एनसीआर में सम्मिलित हर राज्य के चार बड़े शहर नमो भारत से जोड़े जाएंगे। इसके लिए 5000 करोड़ का बजट रखा गया है।
आने वाले 15 साल में दोगुनी हो जाएगी आबादी
वहीं, केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बोर्ड डिसीजन मेकिंग बॉडी नहीं है। हर प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय राज्यों को ही लेना होता है। वहीं, दिल्ली में एक सब सिटी भी बनाई जा सकती है, जिसे नमो सिटी के नाम से जाना जाएगा, जहां आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। मंत्री ने बताया कि एनसीआर में फिलहाल 7.5 करोड़ की आबादी है। हालांकि, आने वाले 15 सालों में यह दोगुनी हो जाएगी।
बोर्ड ने एनसीआर क्षेत्र घटाने की कही थी बात
बता दें कि एनसीआरपीबी ने इलाके का बेहतर मैनेजमेंट करने और किसानों की ज़मीन को बचाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्र को मौजूदा 55,000 वर्ग किलोमीटर से घटाकर 35,000-45,000 वर्ग किलोमीटर करने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें 32 जिलों को शामिल करने की बात कही गई थी। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैठक में ऐसा नहीं हुआ। मंत्री ने कहा कि जैसा है वैसा ही रहेगा। जिन बंदिशों के चलते ऐसा करने का सोचा जा रहा था, उन्हें अब एक समान नहीं बल्कि तीन श्रेणियों में बांटकर लगाएंगे।
बैठक में रहे शामिल
मंगलवार को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री समेत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा एवं राजस्थान सरकार में नगरीय विकास और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


