स्कूली बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से देहरादून और हरिद्वार में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।
इन पार्कों के माध्यम से बच्चों को यातायात नियमों, सड़क संकेतों और सुरक्षित आवागमन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। दोनों जिलों में पार्कों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
पार्कों में वास्तविक सड़कों की तर्ज पर ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रासिंग, चौराहे, सड़क संकेतक और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। यहां बच्चे खेल-खेल में सड़क सुरक्षा के नियमों को समझ सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र से यातायात नियमों की जानकारी मिलने पर बच्चों में जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होगी और भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।
17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पार्क
देहरादून में सहस्रधारा हेलीपैड के समीप एमडीडीए के सिटी पार्क के साथ एक एकड़ भूमि पर 8.50 करोड़ रुपये की लागत से चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क बनाया जा रहा है।
इसी प्रकार हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय के समीप डेढ़ एकड़ भूमि पर दूसरा पार्क निर्माणाधीन है। दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग 17 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य 31 जुलाई, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन ट्रैफिक नियमों से होंगे बच्चे रूबरू
पार्क में रेलवे क्रासिंग, फुटओवर ब्रिज, जेब्रा क्रासिंग, अस्पताल, स्कूल, पेट्रोल पंप, चौक-चौराहे और विभिन्न यातायात संकेतों के माडल स्थापित किए जाएंगे। बच्चों को सड़क पर सुरक्षित चलने, संकेतों को पहचानने और यातायात नियमों का पालन करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्क में 50 से अधिक बच्चों की क्षमता वाला आडिटोरियम भी बनाया जा रहा है।


