PM Modi के 12 साल: EV से लेकर भारत NCAP तक, ऐसे बदला देश का ऑटोमोबाइल सेक्टर

 साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। सरकार की नई नीतियों, तकनीकी सुधारों और पर्यावरण को ध्यान में रखकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पिछले एक दशक में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री केवल मैन्युफैक्चरिंग तक ही सीमित नहीं रही है। यह इंडस्ट्री अब आधुनिक तकनीक और स्वच्छ फ्यूल को ओर तेजी से बढ़ रही है।

EV क्षेत्र में बड़ा बदलाव

सबसे बड़ा बदलाव EV सेक्टर में देखने को मिला है। सरकार ने साल 2015 में FAME (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles) योजना को शुरू किया था। इसके तहत, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी और डिस्काउंट दिए। इसकी वजह से देश में इलेक्ट्रिक कारों, स्कूटरों और बसों की मांग तेजी से बढ़ी है।

आज देश में कई कंपनियां इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लॉन्च कर रही हैं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेजी से विस्तार हो रहा है।

एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल

दूसरा बड़ा बदलाव Ethanol मिश्रित फ्यूल को बढ़ावा देने के तौर पर सामने आया है। सरकार ने पेट्रोल में Ethanol ब्लेंडिंग को बढ़ावा दिया है जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इसी के तहत फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की तकनीक पर काम शुरू हुआ और अब देश में Flex Fuel कार और Flex Fuel बाइक को भी लॉन्च कर दिया गया है जो पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर चल सकते हैं।

प्रदूषण कम करने के लिए बदलाव

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने साल 2020 में सीधे BS-4 से B-6 उत्सर्जन मानकों को लागू किया। इस बदलाव को दुनिया के सबसे बड़े और तेज उत्सर्जन (Emission) सुधारों में से एक माना जाता है। इससे वाहनों से निकलने वाले हानिकारक प्रदूषकों में कमी आई।

सुरक्षा का ध्यान

वाहन सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई सारे सुधार किए गए हैं। अब नई कारों में Airbag, ABS, रिवर्स पार्किंग सेंसर और कई सारे सुरक्षा फीचर्स अनिवार्य किए गए हैं। इसके अलावा, भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP) की शुरुआत की गई जिससे गाड़ियों की सुरक्षा रेटिंग का मूल्यांकन किया जाता है और सेफ्टी रेटिंग्स दी जाती हैं।

साथ ही, स्क्रैपेज पॉलिसी को भी लागू किया गया जिसका मकसद पुराने और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाना है। इससे नई गाड़ियों की बिक्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद सरकार को है।

शुरू की नई योजना

देश में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए सरकर ने साल 2020 में PLI (Productin Linked Incentive) योजना शुरू की जिससे देश में हाई ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के निर्माण को बढ़ावा मिला है। इसके चलते भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल उत्पागन केंद्र बनने की तरफ भी बढ़ रहा है।

बड़े बदलाव

कुल मिलाकर कहें तो नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ फ्यूल, बेहतर सेफ्टी, कम प्रदूषण और आधुनिक तकनीक जैसे कई बड़े बदलाव हुए हैं। इन सुधारों में भारत के ऑटो उद्योग पहले से आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *