मोहम्मद गौरी के सेनापति शमशुद्दीन की मजार मामले में वन विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण आदेश किए जाने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर मजार प्रबंधन ने स्वयं ही अवैध कब्जा हटाना शुरू कर दिया है।
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद मजार के सदर फजले इलाही ने मजार को जाने वाले रास्ते की सीढ़ी व दीवार को हटा दिया। वहां से धार्मिक पुस्तकें भी हटा दी गई। वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि मजार प्रबंधन को अवैध कब्जा हटाने के लिए कहा गया था।
मजार के आस-पास की जमीन पर अवैध कब्जा
अगर वे अपने आप से अवैध कब्जा हटा लेते हैं तो बेहतर होगा। नहीं तो प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। मजार के आसपास0281 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा है।
वन प्राधिकारी ने 64 दिन की सुनवाई के बाद 28 मार्च को साक्ष्य न मिलने पर वन विभाग की संरक्षित जमीन पर बनी इमारत के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ सदर फजले इलाही ने मुख्य वन संरक्षक कानपुर के न्यायालय में भी अपील दायर की थी। जहां उन्हेंं राहत नहीं मिली थी।


