यांत्रिक कारखाने के सभी प्लांट सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। कारखाना प्रबंधन ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। 500 किलो वाट क्षमता के सोलर पैनल लगा दिए गए हैं। जल्द ही उद्घाटन होगा। तैयारी चल रही है।
कारखाने में पहले से एक हजार किलो वाट क्षमता के सोलर पैनल कार्य कर रहे हैं। 500 किलो वाट का सोलन पैनल चालू होते ही कारखाने के 30 प्रतिशत प्लांट सौर ऊर्जा से चलने लगेंगे। आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। योजना तैयार कर ली गई है।
मुख्य कारखाना प्रबंधक डा. सुनील कुमार शर्मा के अनुसार सोलर पैनल की सफाई-धुलाई ड्रोन व रोबोट से कराने की योजना बनाई जा रही है। ऊर्जा दक्षता एवं पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्र में पहल की जा रही है। कारखाने को लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (सीआइआइ) द्वारा ग्रीनको प्लेटिनियम रेटिंग तथा अन्तर्राष्ट्रीय रेलवे उद्योग मानक (आइआरआइएस) प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार बताते हैं कि पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में 237 किलो वाट क्षमता का सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही पैनल लगाने की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। आने वाले दिनों में मुख्यालय गोरखपुर समेत लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के खेल मैदानों में भी सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न स्टेशनों, सर्विस बिल्डिंग, रेलवे क्वार्टरों एवं समपार फाटकों पर 22.17 मेगावाट पावर क्षमता का रूफ टाप सोलर पैनल लगाने की मंजूरी मिल गई है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 दो वर्ष में 2.557 मेगावाट पावर क्षमता के रूफ टाप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
19.613 मेगावाट पावर क्षमता के सोलर पैनल लगाने को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 166 स्टेशन सौर ऊर्जा से जगमगा रहे हैं। आने वाले दिनों में सभी स्टेशनों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। साथ ही अब रेलवे कालोनियों की खाली भूमि, दफ्तरों और विभागों में भी सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर क्षेत्र स्थित रेलवे कालोनियों, विभागों और कार्यालयों के खाली स्थलों पर 568 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए 16 स्थल चिह्नित कर ली गई है। 04 करोड़ 35 लाख का बजट मंजूर करने के साथ टेंडर की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गई है।
47.31 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप 1.71 करोड़ रुपये रेल राजस्व की बचत हुई है। ऊर्जा संरक्षण में सराहनीय योगदान के लिए ऊर्जा संरक्षण दिवस पर क्षेत्रीय रेलों में पूर्वोत्तर रेलवे को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो चुका है।


