बिहार की सड़कों पर सुरक्षा का नया फॉर्मूला: हर सड़क पर लगेंगे रेफ्लेक्टिव साइनेज; कंपनियों की बढ़ेगी जवाबदेही

बिहार में पथ निर्माण विभाग की सड़कों के रखरखाव को लेकर जारी किए गए नए बिडिंग डॉक्यूमेंट में इस बार सड़क सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

विभाग ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के मानकों को आधार बनाते हुए स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य किस गुणवत्ता और मानक के अनुरूप किए जाएंगे।

नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को सुनिश्चित करना भी संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।

सड़क किनारे लगेंगे रेफ्लेक्टिव साइनेज

बिडिंग डॉक्यूमेंट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सड़क रखरखाव का कार्य प्राप्त करने वाली कंपनी को सड़क किनारे अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टिव साइनेज लगाने होंगे।

ये साइनेज निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे ताकि रात के समय भी वाहन चालकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकें।

इसके अलावा पहले से लगे रेफ्लेक्टिव साइनेज का रखरखाव और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की होगी।

किमी माइल स्टोन के लिए भी तय किए गए मानक

सड़कों के किनारे लगाए जाने वाले किलोमीटर माइल स्टोन (मील के पत्थर) को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

नई नीति के तहत जहां आवश्यक होगा वहां नए माइल स्टोन लगाए जाएंगे, वहीं पुराने माइल स्टोन की मरम्मत और रखरखाव भी कराया जाएगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी माइल स्टोन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि यात्रियों को दूरी संबंधी सही और स्पष्ट जानकारी मिल सके।

खतरनाक स्थलों पर चेतावनी संकेत अनिवार्य

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से चिन्हित खतरनाक स्थलों पर विशेष चेतावनी संकेतक (साइनेज) लगाने का प्रावधान किया गया है।

सड़क या पुल के आरंभिक बिंदु पर ही संभावित खतरे की जानकारी देने वाले संकेतक लगाने होंगे। इसके अलावा पुलिया (कलवर्ट), तीखे मोड़, दुर्घटना संभावित क्षेत्र तथा अन्य संवेदनशील स्थानों के निकट भी आवश्यक चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।

जहां जरूरत होगी वहां स्पीड ब्रेकर और उससे संबंधित संकेतक भी स्थापित किए जाएंगे।

चौराहों और जंक्शनों पर लगेंगे गाइड पोस्ट

नई नीति के तहत उन स्थानों पर गाइड पोस्ट लगाना भी अनिवार्य होगा, जहां एक से अधिक सड़कें आकर मिलती हैं। इन गाइड पोस्ट के माध्यम से यात्रियों को यह जानकारी मिलेगी कि किस दिशा में कौन-सा शहर, कस्बा या गांव स्थित है और उसकी दूरी कितनी है।

विभाग का मानना है कि इससे यात्रियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और सड़क पर भ्रम की स्थिति कम होगी।

सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ेगी जवाबदेही

पथ निर्माण विभाग की नई व्यवस्था के तहत सड़कों के रखरखाव को केवल मरम्मत कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों के पालन की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी पर तय की गई है।

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