एथलेटिक्स खेल से जुड़े खिलाड़ियों के हित में एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया (एएफआइ) ने बड़ा फैसला लागू कर दिया है। अब जिले के लगभग 900 एथलीट भी अपने निर्धारित आयुवर्ग से ऊपर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। पहले अंडर-14 वर्ग के खिलाड़ी अंडर-16 और अंडर-18 वर्ग में भी प्रतिभाग कर लेते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गई है।
एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया ने इसे पूरे देश में लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की ओवर ट्रेनिंग और अत्यधिक थकान जैसी समस्याओं से बचाना है। फेडरेशन का मानना है कि कम उम्र में लगातार ऊंचे स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से खिलाड़ियों पर अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक दबाव पड़ता है।
इससे ओवर ट्रेनिंग, जल्द थकान और चोट जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब खिलाड़ी केवल अपने निर्धारित आयुवर्ग में ही प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव सत्यप्रकाश शर्मा के अनुसार पहले कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में उच्च आयुवर्ग में उतर जाते थे।
इससे शरीर पर अधिक दबाव पड़ता था और कई बार खिलाड़ी मानसिक रूप से भी प्रभावित हो जाते थे। हार मिलने पर उनका आत्मविश्वास कमजोर होता था। हर खिलाड़ी के शरीर की एक सीमित क्षमता होती है। लगातार अधिक प्रतियोगिताएं खेलने और जरूरत से ज्यादा अभ्यास करने से शरीर का मोटर मैकेनिज्म प्रभावित होता है। कम उम्र में अत्यधिक दबाव भविष्य के प्रदर्शन पर असर डालता है।
इसी को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। एथलेटिक्स कोच ललिता चौहान ने बताया कि यदि कोई खिलाड़ी उम्र संबंधी गड़बड़ी या गलत आयुवर्ग में खेलने का दोषी पाया जाता है तो उस पर दो वर्ष तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही जीते गए पदक और खिताब भी निरस्त कर दिए जाएंगे। दोबारा दोषी मिलने पर आजीवन प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है।
खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को मिलेगा लाभ
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था से खिलाड़ियों को सही उम्र में सही स्तर की प्रतिस्पर्धा मिलेगी। इससे चोट की संभावना कम होगी और खिलाड़ी लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
जिले में कोचों को दिए गए निर्देश
जिला स्तर पर संचालित एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्रों और कोचों को भी नए नियमों की जानकारी दे दी गई है। अब खिलाड़ियों का पंजीकरण और चयन केवल निर्धारित आयुवर्ग के अनुसार ही किया जाएगा।


