पाकिस्तानी जासूस इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल की 17 साल की सजा पूरी होने के बाद 17 फरवरी 2026 करे पाकिस्तान रेंजर्स के सिपुर्द कर दिया गया था। एटीएस के सूत्रों के मुताबिक जासूस ने पाकिस्तान जाने के बाद सहारनपुर के पांच लोगों से संपर्क किया है। जिसके बाद यूपी एटीएस ने इन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
फरवरी माह की 16 तारीख को सहारनपुर जिला अस्पताल में इकबाल भट्टी का मेडिकल कराया गया था। इसके बाद उसे अटारी बार्डर के लिए रवाना कर दिया गया था। जहां 17 फरवरी को उसे पाकिस्तान रेंजर्स के सिपुर्द कर कर दिया गया था। जासूस इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल फरवरी माह तक गौतमबुद्धनगर की जेल में बंद था। सहारनपुर में भट्टी अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। यहां उसने अपना नाम देवराज सहगल रख रखा था। इस नाम से उसने कई फर्जी दस्तावेज बनवा रखे थे। यहां वह कंप्यूटर सेंटर चलाता था और पाकिस्तान को गोपनीय सूचनाएं भेजता था।
पंजाब पुलिस ने उसे साल 2008 में पटियाला से गिरफ्तार किया था। उसके पास से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज मिले थे। 22 मार्च 2025 को उसकी सजा पूरी हो गई थी। इसके बाद उसने पाकिस्तान भेजे जाने की ख्वाहिश जाहिर की थी। सजा पूरी होने के बाद उस समय के एसएसपी रोहित सजवाण ने गौतमबुद्धनगर जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर गृह मंत्रालय को पत्र भेजा था। तभी से उसको पाकिस्तान डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए आइबी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।
करीब चार फरवरी को आइबी की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट दे दी थी। जिसके बाद उसे 16 फरवरी को सहारनपुर लाकर उसका मेडिकल कराया गया। करीब दो घंटे तक चले मेडिकल के बाद उसको सुरक्षा एजेंसियां लेकर चली गईं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान जाने के तीन माह बाद पाकिस्तानी जासूस इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल ने फिर से सहारनपुर के कुछ स्थानीय लोगों से संपर्क साधा है। जिसके बाद एटीएस लखनऊ की टीम सक्रिय हुई और पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एटीएस देवबंद यूनिट के अधिकारियों का कहना है कि इसके बारे में लखनऊ मुख्यालय से ही कोई भी प्रेस रिलीज या जानकारी दी जाती है।


