सिंगरौली में यात्री बसों पर परिवहन विभाग की सख्ती; सुरक्षा मानकों पर “जीरो टॉलरेंस”

सिंगरौली। जिले में यात्री सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए यात्री बसों की सघन जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर गौरव बैनल के आदेश एवं जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर के मार्गदर्शन में आरटीओ चेक पॉइंट सिंगरौली प्रभारी द्वारा परिवहन आयुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले यात्री वाहनों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत ताबड़तोड़ चालानी कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में सुरक्षित, व्यवस्थित और अनुशासित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि यात्रियों को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित यात्रा सुविधा मिल सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहन स्वामियों, चालकों एवं यात्रियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक समझाइश भी दी।

सुरक्षा मानकों की हो रही जांच:-

विशेष अभियान के तहत यात्री बसों में सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। इनमें फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन द्वार, जीपीएस सिस्टम, स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, सीट क्षमता, महिला एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें तथा ब्रेक, टायर, लाइट और हॉर्न जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही वाहन चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव तथा निर्धारित गति सीमा के पालन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

24 दिनों में 12 लाख से अधिक का राजस्व:-

परिवहन विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 01 मई 2026 से 24 मई 2026 तक चलाए गए अभियान में ऑफलाइन ₹2,34,200 एवं ऑनलाइन ₹10,05,500 की चालानी कार्रवाई की गई। इस प्रकार कुल ₹12,39,700 का शासकीय राजस्व वसूला गया।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई:-

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग, तेज गति एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर वाहन चालक एवं संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों एवं यात्रियों से भी अपील की है कि वे केवल मान्यता प्राप्त एवं सुरक्षित वाहनों का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमित जांच अभियान से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा जिले में यात्री परिवहन व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं जिम्मेदार बनेगी।

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