भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के टूटने से साहिबगंज का पत्थर कारोबार चौपट हो गया है। इससे पत्थर कारोबारी परेशान हैं तो विभाग भी चिंतित है। पुल टूटने से विभाग का राजस्व भी प्रभावित होने की आशंका है।
उधर, कोसी व सीमांचल में स्टोन चिप्स की कीमत बढ़ गयी है जिससे गृह निर्माण करा रहे लोग परेशान हैं। उन्हें अब स्टोन चिप्स के लिए प्रति सौ घन फीट के लिए पांच सौ से सात सौ रुपया तक अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि चार मई की रात विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। इसी मार्ग से साहिबगंज-पाकुड़ से गंगा पार के जिलों में स्टोन चिप्स जाता था।
ट्रकों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है
खगड़िया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी वालों को तो बहुत ज्यादा अंतर नहीं पड़ा लेकिन कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज सहित कोसी व सीमांचल जाने वाले ट्रकों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इस वजह से लागत खर्च भी बढ़ जाता है तथा समय भी अधिक लग जाता है। इस वजह से बड़ी संख्या में ट्रक चालकों ने अपने-अपने वाहनों को खड़ा कर दिया है।
खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गत साल एक मई से 19 मई के बीच जिले से 13381 ट्रक पत्थर डिस्पैच हुए थे जबकि इस साल इस अवधि में मात्र 10353 ट्रक डिस्पैच हुए। यानी 15 दिनों में ही करीब तीन हजार ट्रकों की कमी आयी।
ऐसी स्थिति में इस साल विभाग को राजस्व संग्रह में भी पसीना छूटेगा। गत वित्तीय वर्ष में विभाग ने 240 करोड़ राजस्व सरकार को दिया था। इस साल अब तक विभाग को लक्ष्य नहीं मिला है लेकिन इसमें वृद्धि तय है।
फेरी सेवा बंद होने से परेशानी
साहिबगंज-मनिहारी के बीच फेरी सेवा चलती थी। इससे स्टोन चिप्स लदे जहाजों को भी पार कराया जाता था लेकिन एक अप्रैल से वह भी बंद है। इस बार इस अंतरराज्यीय फेरी सेवा की बंदोबस्ती कटिहार जिला प्रशासन को करनी है लेकिन कई बार टेंडर निकालने के बाद भी उसे लेने के लिए कोई आगे नहीं आया।
इस समस्या को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन ने लालबथानी से गंगा पार रामनगर (साहिबगंज) के बीच जहाज परिचालन के लिए आयुक्त के पास प्रस्ताव भेजा है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर होगा जिसके बाद जहाजों का परिचालन शुरू होगा। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इधर, भागलपुर जिला प्रशासन ने बाबूपुर घाट से जहाजों का परिचालन शुरू किया है जिससे ट्रक चालकों को थोड़ी राहत मिली है। इस घाट से स्टोन चिप्स लदे ट्रकों को जहाज के माध्यम से पार कराया जा रहा है।


