केरल की राजनीति में एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव हो चुका है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने राज्य में 10 साल के बाद शानदार वापसी की है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में वीडी सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ ही उनके पूरे मंत्रिपरिषद ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली।
मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारेअभी नहीं हुई है। लेकिन सोमवार को VD सतीशन के शपथ ग्रहण से पहले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने राज्य का नया गृह मंत्री बनाए जाने का दावा किया है।
चेन्निथला ने कहा कि एलडीएफ सरकार को लोगों ने नकार दिया है, और साथ ही यह भी जोड़ा कि अब उनकी पार्टी की प्राथमिकता बेहतर शासन और प्रशासन देना है।
कड़े मुकाबले के बाद वीडी सतीशन बने कैप्टन
रमेश चेन्निथला की ये टिप्पणियां केरल में नेतृत्व को लेकर कांग्रेस के भीतर गहन विचार-विमर्श के बाद आईं, जिसमें कई दिनों तक इस बात पर अटकलें लगती रहीं कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
केसी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं को दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, VD सतीशन सबसे आगे निकलकर उभरे और वेणुगोपाल तथा चेन्निथला दोनों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पद हासिल किया।
UDF की एक दशक बाद सत्ता में वापसी को शुभ दिन बताते हुए, चेन्निथला ने आगे कहा कि नई सरकार बेहतर शासन देने, प्रशासन में सुधार करने और पार्टी नेता राहुल गांधी द्वारा घोषित पांच गारंटियों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आज केरल की जनता के लिए एक शुभ दिन है क्योंकि 10 साल बाद UDF सत्ता में आ रही है। केरल की जनता को अच्छा शासन देना हमारा परम कर्तव्य है। आज नई सरकार शपथ लेने जा रही है। मैं गृह मंत्रालय का पदभार संभालने जा रहा हूं।
गृह मंत्री का कर्तव्य राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना होता है। हम केरल राज्य में बेहतर प्रशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था की स्थिति देने का प्रयास करेंगे। हमारे नेता राहुल गांधी ने पांच गारंटियों की घोषणा की है। हम उन पांच गारंटियों को लागू करने जा रहे हैं।
नई कैबिनेट में किसने जगह बनाई?
20 सदस्यों वाले मंत्रिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन और केपीसीसी प्रमुख सन्नी जोसेफ शामिल हैं। इनके साथ ही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी, पीके बशीर, एन शमसुद्दीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर भी इसमें शामिल हैं।
अन्य मंत्रियों में मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सीपी जॉन, एपी अनिल कुमार, टी. सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, एम लिजू, केए तुलसी और ओजे जनीश शामिल हैं।


