अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के मुताबिक, अब तक 38 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट की ओर लौटाया जा चुका है। वहीं वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और सोमवार को यह 108 डालर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता गहराई है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची की सक्रिय कूटनीति संकेत दे रही है कि ईरान होर्मुज खुलवाने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रहा है। तीन दिनों के भीतर वह दो बार पाकिस्तान गए, ओमान का दौरा किया और कतर व सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से भी बातचीत की।
माना जा रहा है कि क्षेत्रीय स्तर से अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।अमेरिकी मीडिया पोर्टल एक्सियोस ने दो आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बंद कमरे में हुई बातचीत में होर्मुज खोलने को लेकर नया प्रस्ताव सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान होर्मुज को खोलने को प्राथमिकता दे रहा है और परमाणु मुद्दे पर आगे बातचीत की संभावना खुली रखी है।
एएनआई के अनुसार, ईरानी मीडिया फार्स ने दावा किया है कि अराघची ने पाकिस्तान के जरिये अमेरिका को होर्मुज और परमाणु मुद्दों पर अपनी ‘रेड लाइन’ स्पष्ट कर दी है। हालांकि यह भी कहा गया है कि यह संदेश सीधे वार्ता का हिस्सा नहीं, बल्कि मौजूदा हालात और सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए था।
ईरान के पास कम समय, ट्रंप की चेतावनी
आईएएनएस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास युद्धविराम पर सहमत होने के लिए केवल तीन दिन हैं, अन्यथा उसकी तेल पाइपलाइन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि तेल निर्यात बाधित रहता है तो पाइपलाइनों में दबाव बढ़ेगा, जिससे तकनीकी कारणों से वे फट सकती हैं और उन्हें दोबारा बहाल करना लगभग असंभव होगा।
ईरान का पलटवार- हमारे पास भी विकल्प
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने ट्रंप के बयान पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेहरान के पास भी कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने संकेत दिया कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री मार्गों को प्रभावित कर वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गर्मियों में तेल की मांग चरम पर होगी और यदि होर्मुज बंद रहता है तो अमेरिका में भी कीमतें तेजी से बढ़ेंगी, जिसका असर वहां की राजनीति, खासकर मध्यावधि चुनावों पर पड़ सकता है।
पुतिन से मिले अराघची, रूस का समर्थनइसी बीच, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात की। पुतिन ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया और ईरानी जनता के साहसिक संघर्ष की सराहना की।
बैठक में अराघची ने कहा कि हालिया संघर्ष में अमेरिका का सामना कर ईरान ने अपनी ताकत दिखाई है। उन्होंने जोर दिया कि मास्को और तेहरान के बीच संबंध उच्चतम स्तर की रणनीतिक साझेदारी हैं और परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, ये रिश्ते आगे भी मजबूत बने रहेंगे।
टोगो-ध्वज वाले टैंकर पर ईरान की फायरिंग
पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री तनाव के बीच ईरान की कोस्ट गार्ड द्वारा ओमान के शिनास आउटर पोर्ट के पास एक टोगो-ध्वज वाले केमिकल टैंकर एमटी सिरोन पर फाय¨रग का मामला सामने आया है। जहाज पर 11 भारतीय नाविक भी सवार थे, जिससे भारत की चिंता और बढ़ गई है।
पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, 25 अप्रैल को यह घटना उस समय हुई जब जहाज अन्य पोतों के साथ क्षेत्र में मौजूद था। इसी दौरान ईरानी कोस्ट गार्ड ने हस्तक्षेप करते हुए चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। डीजी शि¨पग कंट्रोल रूम में अब तक 7,780 काल और 16,650 ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। वहीं 2,770 भारतीय जहाजों से संपर्क किया जा चुका है, जिनमें से 12 ने ताजा अपडेट दिए हैं।
रंधावा के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और चिंता की कोई तत्काल वजह नहीं है। एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इससे पहले 22 अप्रैल को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज को निशाना बनाया था, जो भारत के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था।
यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ ही घंटे पहले अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा की थी।ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर नेवी (आइआरजीसी-एन) ने दावा किया था कि उसने दो जहाजों- एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोडास- पर कार्रवाई की है।
शिपिंग निगरानी एजेंसियों के अनुसार, लाइबेरियाई ध्वज वाला एपामिनोडास दुबई के जेबेल अली पोर्ट से गुजरात के मुंद्रा की ओर जा रहा था।इससे पहले 18 अप्रैल को भी ईरान ने दो भारतीय जहाजों पर हमला किया था, जिनके पास उस मार्ग से गुजरने की अनुमति थी। भारत ने इन घटनाओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
ब्रिटिश नौसेना से जुड़े एक निगरानी संगठन ने भी पुष्टि की थी कि आइआरजीसी के गनबोट्स ने दो जहाजों पर फाय¨रग की, जिसमें एक पोत को गंभीर नुकसान हुआ, जबकि दूसरा क्षतिग्रस्त हो गया।
पश्चिम एशिया में गहराए तनाव के बीच एक बार फिर अमेरिका और ईरान की तरफ से बातचीत की पहल के संकेत मिल रहे हैं।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए अमेरिका के सामने नया प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर की गई नाकेबंदी हटाए, जिसके बाद तेहरान भी अपनी पाबंदी हटा लेगा।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम से जुड़े गतिरोध पर समाधान तलाशा जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान जल्द समझौता नहीं करता तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो सकता है।
रूस दौरे पर विदेश मंत्री विदेश मंत्री
सोमवार को रूस दौरे पर पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास विदेश मंत्रीने बताया कि तेहरान को भी अमेरिका की तरफ से प्रस्ताव मिला है। टेलीग्राम पर एक संदेश में उन्होंने लिखा कि अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है।
सेंट पीटर्सबर्ग में अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान पुतिन ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया और ईरानी जनता के साहसिक संघर्ष की सराहना की।


