एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की आधी रात में मृत्यु हो गई। स्वजन ने सुबह चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही पर जमकर बवाल काटा और कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने मामले को किसी तरह से शांत कराने में जुटी है।
लोहदर गांव निवासी पीड़ित रोशनी पत्नी अनिल चौधरी के शरीर में खुजलाहट ज्यादा होने पर पति अपनी मोटर साइकिल पर बैठा कर उसे मुंडेरवा में स्थित एक निजी अस्पताल लेकर रात सवा बारह बजे पहुंचा। अस्पताल पर स्वास्थ्य कर्मी ने महिला को दो तीन इंजेक्शन लगाए।पति का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद ही रोशनी के मुंह से झाग निकलने लगा।वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे तुंरत क्रिटिकल केस बता कर बस्ती ले जाने को कहा। अनिल ने उसे किसी तरह मोटरसाइकिल बैठाया और बस्ती लेकर जा रहा था कि ओड़वारा के पास उसकी मृत्यु हो गई। सुबह जानकारी होने पर ग्रामीणों ने अस्पताल का घेराव किया तो पुलिस ने लोगों को किसी तरह शांत कराया और एक आरोपी कर्मचारी को अपने साथ ले गई।अनिल ने बताया कि खुजलाहट बंद नहीं होने पर वह अपनी पत्नी को लेकर बस्ती कांटे मार्ग के किनारे हरिओम पेट्रोल पंप के सामने स्थित एक निजी अस्पताल पर इलाज करवाने के लिए रात्रि लगभग12.15 बजे पहुंचा।अस्पताल पर उस समय तीन पुरुष और एक महिला कर्मचारी ही थे, नर्स ने उसकी पत्नी को तीन इंजेक्शन दिया और कहा अभी ठीक हो जायेगी, लेकिन इंजेक्शन लगने के बाद रोशनी की हालत और बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग आने लगा तो इलाज से हाथ खड़ा कर दिया गया।
अनिल ने कहा कि एम्बुलेंस मंगा दीजिए किंतु उन लोगों ने उसे जबरन मोटर साइकिल पर ही लदवा दिया। अनिल ने बताया कि हम उसे लेकर जा रहे थे और पत्नी का पैर सड़क पर घिसट रहा था और ओड़वारा पहुचते-पहुचते उसकी मृत्यु हो गयीं। इस हृदय विदारक घटना को सुनकर सुबह छह बजे ही आस पास और अनिल के गांव के लोग अस्पताल पहुंच कर हंगामा शुरू किया। हंगामा होता देख किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया।
इसी दौरान मौका पाकर एक महिला और दो पुरुष कर्मचारी पीछे से भाग लिए। एक व्यक्ति हिरासत में लेकर अस्पताल की सुरक्षा के लिए दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। दिवंगत के स्वजन अस्पताल पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के पास जिला मुख्यालय गए हैं। रोशनी अपने पीछे दो पांच वर्षीय पुत्री और दो वर्ष का हर्ष छोड़ गई है।


