Mahindra Thar Roxx की खराब सर्विस से परेशान मालिक पहुंचा कोर्ट, न्यायालय ने कंपनी को थमाया नोटिस

 केरल हाई कोर्ट में 12 मई को एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि राज्य में गाड़ियों में बिक्री, सर्विसिंग और रखरखाव को कंट्रोल करने के लिए एक अलग कानून बनाया जाना चाहिए। यह याचिका एक गाड़ी मालिक द्वारा दी गई शिकायत के बाद दायर की गई है। मालिक ने एक अधिकृत ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर पर गंभीर लापरवाही और घटिया सर्विस का आरोप लगाया है।

सर्विस से जुड़ी दिक्कतें

यह याचिका कोच्चि के रहने वाले TGN कुमार ने दायर की है। उन्होंने हाल ही में Mahindr Thar Roxx का टॉप मॉडल खरीदा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मराडू स्थित वायालत Mahidra सर्विस सेंटर पर बार-बार सर्विस से जुड़ी समस्याएं आईं। याचिका के मुताबिक, कई बार सर्विस सेंटर जाने के बाद भी गाड़ी के सामने वाले दरवाजे से लगातार आवाज आने जैसी समस्या ठीक नहीं हुई।

कोर्ट का नोटिस

जस्टिस ए बदरुद्दीन और जस्टिस मुरली कृष्ण एक की बेंच ने इस मामले में नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मराडू सर्विस सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और मुंबई स्थित Mahindra एंड Mahindra के मुख्यालय से इस याचिका पर जवाब मांगा है।

लापरवाही का आरोप

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि सर्विस सेंटर ने काम में भारी लापरवाही दिखाई। उनके पास तकनीकी कुशलता की कमी थी और उन्होंने सर्विसिंग के जरूरी नियमों का पालन नहीं किया। याचिका में यह भी कहा गया है कि वहां के कर्मचारियों का व्यवहार गैर-पेशेवर और उदासीन था। बार-बार शिकायत करने और संपर्क करने के बाद भी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

कुमार ने बताया कि उन्हें मजबूर होकर इस मामले को व्यक्तिगत रूप से जनरल मैनेजर (GM) तक ले जाना पड़ा। इसके बाद भी उन्हें कोई प्रभावी सहायता या मदद नहीं मिली।

मौजूदा कानून में कमी

याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि वर्तमान कानूनी ढांचा ऑटोमोबाइल निर्माताओं और अधिकृत सर्विस सेंटरों को ठीक से कंट्रोल करता है। उनका कहना है कि इस वजह से गाड़ी मालिकों का शोषण होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने राज्य सरकार से ऑटोमोबाइल सर्विसिंग क्षेत्र में जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने के लिए एक विशेष कानून लाने का आग्रह किया है।

उन्होंने इस नए कानून का नाम केरल मोटर वाहन बिक्री और सेवा विनियमन अधिनियम और नियम (Kerala Motor Vehicles Sales and Services Regulation Act an Rules) प्रस्तावित किया है।

ट्रांसपोर्ट विभाग को शिकायत

Kerala High Court जाने कुमार ने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक आवेदन दिया था। उन्होंने मांग की थी कि गाड़ियों की बिक्री और सर्वसिंग के लिए एक अलग रेगुलेटरी ढांचा बनाया जाए। विभाग ने बाद में उन्हें सूचित किया कि इस मामले की जांच और विस्तृत रिपोर्ट के लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पास भेज दिया गया है। नया कानून बनाने की मांग के अलावा, इस जनहित याचिका (PIL) में वायालत महिंद्रा सर्विस सेंटर के कामकाज की जांच और पूछताछ के निर्देश देने की भी मांग की गई है। यह याचिका वकील मनोरंजन वीआर के माध्यम से दायर की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *