तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर रस्साकसी का माहौल देखने को मिल रहा है। बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने में जुटे टीवीके प्रमुख विजय को रोकने के लिए द्रविड़ राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी द्रमुक और अन्नाद्रमुक के हाथ मिलाने के संकेत के बीच एमके स्टालिन ने कहा है कि वह 6 महीने तक कोई दखल नहीं देंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डीएमके चीफ ने कहा कि उनकी पार्टी टीवीके के विजय के सरकार बनाने की इंतजार करेगी और छह महीने तक कोई दखल नहीं देगी, सिर्फ स्थिति पर नजर रखेगी।
स्टालिन ने क्या संकेत दिया?
स्टालिन ने संकेत दिया कि डीएमके कोई संवैधानिक संकट या जल्द ही कोई और चुनाव नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई सरकार उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को जारी रखेगी। साथ ही टीवीके द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को भी पूरा करेगी
जब उनसे पूछा गया कि उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर क्या है तो उन्होंने कहा, “नई सरकार को स्कूली बच्चों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना जारी रखनी चाहिए और परिवार की महिला मुखियाओं को 1,000 रुपये का मासिक भत्ता भी।”
90 प्रतिशत वादों को किया पूरा’
डीएमके अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार ने 2021 के घोषणापत्र में पार्टी द्वारा किए गए 90% वादों को पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा कि NEET को बंद करने जैसे कुछ वादे केंद्र सरकार के नियंत्रण के कारण पूरे नहीं किए जा सके।
उन्होंने कहा, “इस चुनाव में भी हमने केवल उन्हीं चीजों का वादा किया है जिन्हें हम पूरा कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि टीवीके अपने वादों को पूरा कर पाएगी (राशन कार्ड धारक परिवारों को हर साल छह मुफ्त एलपीजी सिलिंडर देने के वादे का जिक्र करते हुए)।”


