‘सड़क की मरम्मत न हुई तो PWD अधिकारी पर लगेगा जुर्माना’, हिमाचल हाई कोर्ट ने दुर्दशा पर लिया संज्ञान

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 हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने नारकंडा-खद्राला-सुंगरी सड़क की दुर्दशा पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) रोहड़ू प्रमोद कुमार उप्रेती को चेतावनी दी है कि यदि 15 जून तक सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने रामपुर निवासी जवाहर लाल कैथ की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात यह आदेश जारी किए।

पिछली सुनवाई में अधिकारी ने दिया था आश्वासन

पिछली सुनवाई को एसई ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि कार्य यथाशीघ्र पूरा कर लिया जाएगा और कर्मचारी व मशीनरी पहले ही साइट पर भेज दी गई हैं। निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा न करने के लिए अब बिना शर्त माफी मांगी गई है। कोर्ट का मानना था कि संबंधित अधिकारी लगातार उस समयसीमा का पालन नहीं कर रहा है जिसके भीतर उसने कार्य पूरा करने का वचन दिया था और कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी कार्य पूरा नहीं किया गया है।

कोर्ट ने किया हलफनामे का अवलोकन

कोर्ट ने एसई द्वारा दायर हलफनामे का अवलोकन कर पाया कि नारकंडा-खद्राला-सुंगरी सड़क पर किलोमीटर 33 से 40 किलोमीटर तक के पूरे खंड पर जी-थ्री परत बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है और 32 से 38 किलोमीटर के बीच बिट्यूमिन बिछाने का कार्य दो ठेकेदारों अरुण मेहता और तारा चंद मेहता को दिया गया था।

उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रतिकूल मौसम और अमेरिका-इजराइल व ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण बिट्यूमिन की आपूर्ति बाधित होने से देरी हुई।

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