निरसा प्रखंड के बेनागोड़िया स्थित Jawahar Navodaya Vidyalaya (JNV) के कक्षा नवम के छात्र आयुष टोप्पो की तालाब में डूबकर मौत मामले में Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) ने कड़ा रुख अपनाते हुए जेएनवी बेनागोड़िया के दो शिक्षक और चार शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सेवा मुक्त कर दिया गया है।
सेवा मुक्त किए गए सभी अनुबंध पर थे और 30 अप्रैल, 2026 तक सेवा थी। जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन इन सबकी ड्यूटी पर थी। समिति इस मामले में और भी कर्मचारियों पर कार्रवाई कर सकती है। इसे लेकर जेएनवी के शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में हड़कंप दिख रहा है।
आयुष के स्वजनों ने की घटनास्थल की जांच
मृतक छात्र आयुष के स्वजन बुधवार को सबसे पहले विद्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद स्कूल की प्राचार्या उषा कुजूर व घटना के वक्त आयुष के साथ नहाने गए दो छात्रों को लेकर गोविंदपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर स्थित तालाब पहुंचे, जहां रविवार को स्नान करने के दौरान डूबने से आयुष की मौत हो गई थी।
स्वजनों ने घटनास्थल की अपने स्तर से छानबीन की। साथ ही आस पास के ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। घटनास्थल से स्कूल के छात्रों के दो जोड़े चप्पल, दो गमछा, एक कोल्ड्रिंक्स के खाली बोतल तथा एक गले का लाकेट भी मिला। जिसे साथ गए आयुष के दोस्तों ने स्वीकारा कि यह सारा सामान हम लोगों का ही है।
स्वजन आयुष की मौत के लिए विद्यालय प्रबंधन को दोषी ठहरा रहे हैं। कहा कि हम बच्चे को पढ़ने के लिए भेजे थे, ना की विद्यालय से बाहर तालाब में नहाने के लिए।
आयुष था अच्छा तैराक था वह कैसे डूब सकता है
आयुष के बड़े भाई आदित्य टोप्पो ने बताया कि आयुष एक अच्छा तैराक था। वह अच्छी तरह से तैरना जानता था। फिर तैरने के दौरान वह कैसे पानी में डूब सकता है।
साथ गए छात्रों ने बताई आंखों देखी घटना, स्वजन संतुष्ट नहीं
आयुष के साथ तालाब में नहाने गए उसके दोस्त कुंदन कुमार और प्रेम कुमार ने बताया कि रविवार के दिन हमलोग 12 दोस्त 11:30 बजे स्कूल से निकले और 12:30 बजे हमलोग तालाब किनारे पहुंचे। पेड़ के छाया में हमलोग बैठे थे, तभी उदय रजक, चेतन कुमार, आलोक मोदक और आयुष टोप्पो तैरने की प्लान बनाने लगे। हम लोग कुछ समझते तब तक वे लोग तालाब में उतर गए।
उदय रजक, चेतन कुमार और आलोक मोदक तीनों एक साथ तालाब के इस पार से उस पार तैरकर जाने लगे। तीनों लोग तालाब के दूसरे छोर तक पहुंचने वाले थे व आयुष टोप्पो पीछे था। वह कुछ दूरी तय कर उस पार पहुंच जाता। इसी बीच आयुष ने एक बार बचाओ करके चिल्लाया और अचानक तालाब में डूब गया।
इसके बाद पानी से बाहर नहीं निकला। हमलोगों के चिल्लाए पर चेतन, उदय, आलोक को सुनाई नहीं दी। बाद में हमलोगों ने आयुष को खोजने का प्रयास किए पर वह नहीं मिला। अंत में हमलोगों ने गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों ने आयुष को निकाला। तब तक बहुत देर चुकी थी। हालांकि, आयुष के दोस्तों की बातों से स्वजन संतुष्ट नहीं दिखे। वे लोग दो मई को पुणे आने की बात कह कर वहां से रवाना हो गए।
स्वजनों ने लगाया आरोप
मृतक आयुष के स्वजनों ने विद्यालय की चारदीवारी को लेकर सवाल उठाए। कहा कि समय रहते स्कूल प्रबंधन ने अगर कंटीले तारों की मरम्मत करवा ली होती तो आज आयुष जिंदा होता। चारदीवारी से तीन फीट गैप के बाद कंटीले तार लगाए गए हैं जो कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के सबूत हैं।
ग्रामीणों ने कहा-अक्सर आते रहते हैं जेएनवी के बच्चे
पहाड़पुर के ग्रामीणों ने बताया कि जेएनवी के बच्चे अक्सर इधर घूमते हुए दिख जाते हैं। यहां आकर बच्चे पैसे लगाकर क्रिकेट मैच भी खेलते हैं। जेएनवी के बच्चों ने एक बार गेरूवा पहाड़ पर आग लगाकर भाग गए थे। ग्रामीणों ने कहा कि यह तालाब भूतिया है। हमलोग अपने बच्चे को तालाब की ओर जाने नहीं देते हैं। अगर बच्चे नहाने जाते हैं तो परिवार के सदस्य साथ रहते हैं।
फर्जी कागजात पर धड़ल्ले से जेएनवी में हो रहा नामांकन
जेएनवी बेनागोड़िया में बच्चों के नामांकन पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक आयुष का घर झारखंड के हजारीबाग जिले में है, तो उसके नामांकन फार्म में उसके दस्तावेज पर उसका घर पूर्वी टुंडी कैसे अंकित है। बिना जांच पड़ताल के आयुष का नामांकन धनबाद के जवाहर नवोदय विद्यालय में कैसे हो गया।
अगर इस मामले की गहराई से जांच हुई तो कई बच्चे ऐसे मिलेंगे जो दूसरे राज्य व जिले के नामांकित हैं। बच्चों का दलाल द्वारा फर्जी आधार कार्ड, फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करा कर मोटी रकम लेकर धनबाद जेएनवी में नामांकन करा रहे हैं और धनबाद के बच्चों का हक मार रहे हैं।


