छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव जिला पिछले कुछ महीनों से ईसाई मिशनरियों का केंद्र बन गया है। सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष मार्च में गिरफ्तार डेविड चाको अमेरिकी संगठन द टिमोथी इनशिएटिव (टीटीआई) से जुड़ा था, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।
जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक मिशनरियों का नेटवर्क फैला हुआ है, जो मतांतरण में सक्रिय है। आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता लाल लक्ष्मेंद्र शाह के अनुसार, मोहला-मानपुर सहित पूरे प्रदेश में प्रशिक्षित लोग काम कर रहे हैं , जिनका मुख्य निशाना महिलाएं हैं। मिशनरियों ने विभिन्न धर्मों और क्षेत्रों का वर्गीकरण कर रणनीति बनाई है।
बीमार और लाचार परिवारों को बनाया जा रहा निशाना
मोहला में दो और मानपुर में नौ केंद्र हैं, जहां लगातार सभाएं आयोजित की जा रही हैं। जहां बीमार और लाचार परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। धीरे-धीरे उन्हें विश्वास में लेकर धार्मिक आस्था बदलने का प्रयास किया जाता है। समाज के नेताओं का कहना है कि मिशनरी फंडिंग के सहारे अपनी जड़ें फैला रहा है, जो एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
टीटीआई मतांतरण के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहा है। पास्टर डेविड चाको ऐसे लोगों को राज्य भर में प्रशिक्षण दे रहा है। मुख्यालय के निकट ग्राम पनेका और धर्मापुर के चर्चों में सभाएं हो रही हैं। कई बार इनके खिलाफ प्रदर्शन भी हुए हैं। आदिवासियों के अलावा ओबीसी वर्ग के लोग भी मतांतरण का शिकार बन रहे हैं।
निशाने पर महिलाएं
केस – 1 : जिला मुख्यालय के राजीव नगर में यादव समाज की एक महिला मतांतरित हो गई है। वह प्रार्थना सभा में जाने लगी। उसके दो बेटे भी मतांतरित हो चुके हैं।
केस – 2 : मानपुर क्षेत्र में ईसाई धर्म अपना चुकी महिला अपनी सहेली को बच्चे न होने पर प्रार्थना सभा में ले जानी लगीं। बहकावे में आकर उसने मतांतरण कर लिया।


