उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षा परिणाम में रिकॉर्ड सुधार, सीबीएसई-आईसीएसई के साथ कर रहा कदमताल

1836 Shares

उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षा परिणामों में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है और अब यह केंद्रीय बोर्ड सीबीएसई व आइसीएसई के साथ कदमताल करता दिखाई दे रहा है।

बीते पांच वर्षों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों स्तर पर परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे शिक्षा विभाग उत्साहित है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में हाईस्कूल का परिणाम 77.47 प्रतिशत था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 92.10 प्रतिशत पहुंच गया है। इस प्रकार पांच वर्षों में कुल 14.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

वहीं इंटरमीडिएट स्तर पर वर्ष 2022 में 82.63 प्रतिशत रहा परिणाम अब 85.11 प्रतिशत हो गया है, जो 2.48 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

पिछले वर्षों में इंटरमीडिएट का परिणाम लगातार 80 प्रतिशत से ऊपर बना रहा, लेकिन हाईस्कूल परिणाम शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बना हुआ था। वर्ष 2023 में इसमें उल्लेखनीय सुधार हुआ और परिणाम 85.17 प्रतिशत तक पहुंचा।

इसके बाद वर्ष 2024 में 89.14 प्रतिशत और वर्ष 2025 में 90.77 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद वर्ष 2026 में यह 92.10 प्रतिशत हो गया। शिक्षा विभाग ने परिणाम सुधार के लिए बहु स्तरीय प्रयास किए।

कक्षा शिक्षण को मजबूत करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए विशेष तैयारी कराई गई।

एससीईआरटी स्तर से प्रदेशभर में आनलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया, जबकि मुख्य शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जिलों में भी अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया गया।

इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिला। सिर्फ पास प्रतिशत ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण परिणामों में भी सुधार देखने को मिला है।

सम्मान पाने वाले छात्रों की बढ़ी संख्या

सम्मान (डिस्टिंक्शन) के साथ उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या वर्ष 2022 में जहां 7291 थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 7936 हो गई है।

इसी तरह प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या भी 24,055 से बढ़कर 30,734 हो गई, जो लगभग 9.4 प्रतिशत की वृद्धि है।

सुविधाओं और शिक्षकों की बढ़ोतरी का असर : शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत के अनुसार, उत्तराखंड बोर्ड के बेहतर परिणामों का मुख्य कारण सरकारी विद्यालयों में संसाधनों और शिक्षकों की संख्या में वृद्धि है।

कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास और वर्चुअल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे पढ़ाई का स्तर सुधरा है। उन्होंने इसे शिक्षकों की मेहनत और विभागीय प्रयासों का संयुक्त परिणाम बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *