गोरखपुर में बोलेरो सवार बदमाशों ने मासूम का किया अपहरण, 45 मिनट में बरामद

 मां और भाई के साथ बाजार गई मासूम को बोलेरों सवार तीन बदमाशों ने अपहरण कर सनसनी फैला दी। इस वारदात को अंजाम देने के पहले बदमाशों ने मां को बोलेरो से टक्कर मारी, जिससे वह नीचे गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही एसपी दक्षिणी की अगुआई में सक्रिय हुई पुलिस ने सीसी कैमरे की फुटेज से गाड़ी का नंबर पता लगाया।

मालिक की पहचान होने के बाद चालक का नाम और मोबाइल नंबर मिला। फिर लोकेशन के आधार पर साेहगौरा चौकी और गगहा थाना पुलिस ने गाड़ी की घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाश बच्ची और गाड़ी को छोड़कर फरार हो गए। इस तरह से 45 मिनट के अंदर पुलिस बच्ची को बरामद कर उनके स्वजन को सिपुर्द कर दिया। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

गजपुर बाजार निवासी रामआशीष यादव की पत्नी सुमन अपने बड़े बेटे और दो वर्षीय पुत्र अयांश के साथ शाम को दवा लेने के लिए बाजार गई थी। 6:20 बजे दवा लेकर वह घर लौट रही थी। इसी बीच पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरों ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे सुमन और अयांश नीचे गिर गए है और बड़ा बेटा दूर होने के चलते वह बच गया।

इसी दौरान बोलेरो सवार बदमाश मौके का फायदा उठाकर मासूम को नीचे से उठाकर बोलेरों में बैठा लिए और फरार हो गए। इधर, सुमन सड़क से उठकर अपने मासूम को ढूढने लगी, तभी बड़े बेटे ने बताया कि मुन्ना को गाड़ी वाले उठा ले गए। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर जुटे, लेकिन बदमाश फरार हो चुके थे।

मासूम के अपहरण की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही गजपुर चौकी पर तैनात पुलिस ने घटना स्थल पर लगे सीसी कैमरें को खंगाजा और गाड़ी नंबर से मालिक की पहचान सुरेंद्र नाथ साहनी के रूप में की। फिर पुलिस ने सुरेंद्र को फोन किया तो उसने बताया कि वह मुंबई में है, उसकी गाड़ी सहजनवां थाना क्षेत्र का रिशु पासवान चलाता है।

एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी ने बताया कि चालक का नाम और मोबाइल नंबर मिलने के बाद उसका लोकेशन निकाला गया तो सोहगौरा के आसपास मिला। इसके बाद सभी थानों की पुलिस को वाहनों की जांच करने का निर्देश दिया गया।

इसी बीच सोहगौरा चौकी पुलिस को एक बोलेरों आती दिखी तो उसने पूरे मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। चालक गाड़ी को दूसरे तरफ मोड़ने की कोशिश कर रही रहा था कि पीछे गगहा थाने की पुलिस वहां पहुंच गई। खुद को घिरता देख आरोपित 7:08 मिनट पर गाड़ी और बच्ची को छोड़कर फरार हो गए। फिर पुलिस ने बच्ची को बरामद किया।

सिर में चोट लगने से पीएचसी कौड़ीराम में उसका उपचार कराया गया। थाने लाकर बच्ची को उनके स्वजन को सिपुर्द कर दिया गया। एसपी दक्षिणी ने बताया कि मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। चालक की तलाश चल रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। महिला की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज कर रही है।

बेटे को पाकर छलक उठी मां की आंखें
मासूम अयांश के सकुशल बरामद होने के बाद मां सुमन की ममता छलक पड़ी। पुलिस जब बच्चे को लेकर पीएचसी पहुंची तो व्याकुल मां ने बेटे को देखते ही उसे सीने से लगा लिया और फूट-फूटकर रोने लगीं। इसके बाद कुछ देर तक वह बेटे को गोद में लेकर दुलारती रहीं। बच्चे को लेकर पहुंची पुलिस को खुशी से बधाई देने लगी।

यह सब देख वहां मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं। इस दौरान वहां मौजूद मासूम के पिता रामअशीष नेपुलिस टीम का आभार जताया। पूरे घटनाक्रम के दौरान मां की बेचैनी और बेटे के मिलने के बाद उमड़ी ममता ने हर किसी को भावुक कर दिया।

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