पहली बार आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ) में 1.18 लाख जोड़ी हाई एंकल, एंटी स्किड बूट व रनिंग शूज का निर्माण 15 मई से शुरू होगा। इसके लिए जूता निर्माता कंपनी एडिडास डिजाइन समेत अन्य तकनीकी सहयोग कर रही है। इसके लिए ओईएफ व एडिडास के बीच दो जनवरी,2026 को समझौता हो चुका है। यहां बने जूते समुद्री क्षेत्रों में तैनात नौसैनिकों को फिसलने से बचाएंगे।
इन जूतों में फिसलन रोधी सोल पर नोकदार डिजाइन होगी। पहाड़ी इलाकों में पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा व संरक्षण देने वाला सोल, उच्च गुणवत्ता का चमड़ा, बाहरी परत में रबर लगाया जाएगा। स्पोर्ट्स व पीटी शूज की डिजाइन ऐसी होगी कि नौसैनिकों को शारीरिक कार्य करने, तेज दौड़ने व कूदने के दौरान चोट से बचाया जा सके।
ओईएफ कानपुर ने हाई एंकल रबर-पीयू सोल बूट्स समेत अन्य तरह के जूते बनाने की तकनीकी दक्षता हासिल करके इस दिशा में काम शुरू किया है। रनिंग शूज पहनकर व्यायाम करने से सैनिकों को एंग्जाइटी, डिप्रेशन, स्ट्रेस कम करने, फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ओईएफ के अफसर एयरफोर्स, नौसेना व सेना को आपूर्ति के अलावा खुले बाजार में भी जूतों की बिक्री के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए एडिडास के साथ मिलकर बड़े शहरों में शोरूम बनाकर आम लोगों को ओईएफ निर्मित जूतों की उपलब्धता के लिए उच्चाधिकारियों के स्तर पर वार्ता की जा रही है।
इन जूतों के बाजार में आने से लोगों को और गुणवत्ता युक्त सामग्री मिलने की आस जगी है। ओईएफ के मुख्य महाप्रबंधक डा. अनिल रंगा ने बताया कि नौसेना से विभिन्न श्रेणियों में बूट व सैंडिल बनाने का आर्डर मिल गया है। छह माह में आपूर्ति कर दी जाएगी।
आयल कंपनियों के श्रमिक भी पहनेंगे
ओईएफ के अधिकारियों ने बताया कि आयल कंपनियों से भी जूतों की आपूर्ति के लिए वार्ता चल रही है। इस तरह के जूते पेट्रोलियम प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के लिए भी कारगर होंगे, क्योंकि तेल के प्लांट में श्रमिकों के फिसलने से चोटिल होने का अंदेशा ज्यादा रहता है। फिसलनरोधी जूतों से उन्हें दुर्घटनाओं से बचाया जा सकेगा।


