हरियाणा में CIA-2 इंचार्ज पर जजपा प्रवक्ता को ‘गन प्वाइंट’ पर उठाने का संगीन आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

 पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिले की गाड़ी को रोककर जान से मारने की धमकी देने के मामले में सीआइए टू इंचार्ज निरीक्षक पवन कुमार आरोपों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। पहले फतेहाबाद की एक महिला फिर हिसार के बुढ़ाखेड़ी गांव की रहने वाली महिला ने सीआइए टू इंचार्ज पवन पर हत्या और प्रताड़ित करने के आरोप जड़े।

मंगलवार को इंटरनेट पर सीसीटीवी की फुटेज वायरल हुई। जिसमें आरोप लगाया कि है कि सीआइइ टू इंचार्ज पवन कुमार 16-17 अप्रैल की रात को जजपा के जिला प्रवक्ता रवि आहुजा के घर गए और गन प्वाइंट पर उन्हें उठाकर ले गए।

इसके अलावा एक टेलर ने भी निरीक्षक पवन पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वहीं जजपा की तरफ से पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग और गृह मंत्रालय, मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजी गई है।

बिना वारंट के हथियार लेकर घर के अंदर घुसे

जजपा के प्रदेश प्रवक्ता अधिवक्ता मनदीप बिश्नोई ने बताया कि 16-17 अप्रैल की रात करीब दो से तीन बजे सीआइए-टू की गाड़ी जजपा के जिला प्रवक्ता रवि आहुजा के घर पहुंची है। गाड़ी से सीआइए-टू इंचार्ज पवन और डीएसपी नीचे उतरे। जैसा कि रवि ने बताया कि उसके बाद दोनों घर के अंदर आते हैं और फिर पवन कुमार गन प्वाइंट पर घर से उठाकर ले जाता है।

उनका कहना है कि पुलिसकर्मी सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने साथ ले गए, जिस कारण फुटेज नहीं मिली। अब रवि के घर के सामने वाले घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज मिली। जिसमें दिखाई देर रहा है कि सीआइए इंचार्ज पवन कुमार अपने हाथ में पिस्तौल लिए हुए है और वह पिस्तौल को लोड करते हुए नजर आ रहे हैं।

उसके बाद वह घर के अंदर घुसते हैं। अधिवक्ता का कहना है कि एक तरफ से डीएसपी कमलजीत की तरफ से ये कहा जा रहा है कि सीआइए-टू इंचार्ज पवन के पास पिस्तौल नहीं था। वहीं वह हाथ में पिस्तौल लिए हुए दिखाई दे रहा है।

थाने में बुलाकर बेरहमी से पीटा

मंगलवार को इंटरनेट पर सीआइए-टू इंचार्ज पवन के खिलाफ एक वीडियो और वायरल हो रहा है। टेलर का काम करने वाले महेंद्रपाल ने पवन पर झूठा केस दर्ज करने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए है। महेंद्रपाल ने बताया कि उसकी 2019 में रतिया में कपड़ों की दुकान थी।

उस दुकान पर भाई बैठता था। मेरी हिसार में दुकान है। 13 जून को भाई का फोन आया कि अरविंद नामक युवक अपने साथियों के साथ दुकान पर आया। उसने दुकान का सारा सामान एक वाहन में डाला और अपने साथ ले गया। पता चलने पर फतेहाबाद पहुंचा और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी।

तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने शिकायत रतिया के शहर थाना में मार्क कर दी। इस बारे में रतिया पुलिस थाना पहुंचा तो वहां पर एसएचओ नहीं मिले। फिर वापस आ गया। उस समय पवन कुमार वहां के एसएचओ थे। 14 जून की शाम को पवन का फोन आया कि शिकायत आई हुई है। फिर पवन को पूरा मामला बताया।

उसने अगले दिन रतिया थाना में बुलाया। सुबह साढ़े दस बजे वहां पर पहुंच गया। एसएचओ पवन कुमार ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की। फिर पीछे एक कमरे में ले गया। वहां पर मौजूद सिपाही को बोला कि इसे अंदर बंद कर लो ये बाहर नहीं जाना चाहिए।

काफी देर तक कमरे के अंदर रखा। फिर शाम को एक पुलिसकर्मी ने बताया कि अरविंद ने आपके खिलाफ मारपीट करने की शिकायत दी। रात को पवन ने कमरे में बंद कर गाली-गलौज की और मारपीट की। यहां तक की नाक भी रगड़वाई। फिर झूठा केस बनाकर गिरफ्तार किया था।

मानवाधिकारी आयोग को दी शिकायत

जजपा के प्रदेश प्रवक्ता और अधिवक्ता मनदीप बिश्नोई ने बताया कि पुलिस ने बिना सर्च वारंट के जजपा के कार्यकर्ताओं को हथियारों के बल पर गिरफ्तार किया। एक अनुसूचित जाति के कार्यकर्ता के साथ गाली-गलौज की गई। पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिले की गाड़ी रोकने के बाद पुलिसकर्मी पवन ने जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब इस संबंध में मानवाधिकारी आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग और गृह मंत्रालय, प्रदेश मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है।

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