एक वर्ष तीन महीने के छोटे से कार्यकाल के बाद डीएम संजीव रंजन का जिले से भले तबादला हो गया है, लेकिन यह अपनी कार्यशैली के लिए लंबे समय तक याद किए जाएंगे। सरल व्यवहार से इन्होंने विशेष छवि तो बनाई ही जिले में पिछले दिनों में कई ऐसे काम भी हुए हैं, जो किसी अधिकारी के लिए हमेशा चुनौती पूर्ण होते हैं।
संजीव रंजन ने विशाख जी अय्यर के स्थानांतरण के बाद 17 जनवरी 2025 को जिम्मेदारी संभाली थीं। उस दौरान जिले की ऐतिहासिक नुमाइश की शुरुआत हुई थी। डीएम ने इसे विशेष रुचि लेकर भव्यता पूर्वक संपन्न कराया। कई नए काम भी कराए। इसकेे बाद अन्य विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया।
17 जनवरी 2025 को हुई थी जिले में तैनाती, एसआईआर के बाद शासन स्तर से हुआ तबादला
एसआइआर के दौरान काफी चुनौतीपूर्ण कार्यकाल रहा। इस दौरान डीएम ने पूरी प्रशासनिक टीम के साथ एक जुटकर होकर इस सफलता पूर्वक संपन्न कराया। अब शासन स्तर से इन्हें कृषि विभाग के विशेष सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
84वें डीएम के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे अविनाश कुमार सिंह
इनके स्थान पर जिले में 2013 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार सिंह को भेजा गया है। यह फिलहाल गाजीपुर में डीएम के पद पर तैनात हैं। इससे पहले यह हरदोई, बाराबंकी, झांसी में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब जिले में 84वें डीएम के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। अब तक 83 डीएम यहां जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसमें सेल्वा कुमार जे एक मात्र महिला डीएम के रूप में तैनात रहे हैं।


