बैंक आफ बड़ौदा में बीते वर्ष हुए फर्जी लोन मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपितों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपितों में लोन लेने, दिलाने वाले व बैंक का क्रेडिट अफसर शामिल है।
जांच में आधार कार्ड में पता बदलकर, फर्जी सैलरी स्लिप व ज्वाइनिंग लेटर बनाकर फर्जीवाड़ा करने की बात सामने आने के बाद पुलिस अब फर्जी कागजात तैयार करने वालों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही ये आरोपित भी पुलिस के हत्थे चढ़ेंगे।
बीओबी की मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक ने बैंक के 48 खाताधारकों पर पहचान छिपाकर या बदलकर करीब नौ करोड़ रुपये लोन लेने का आरोप लगाते हुए 29 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज कराया था। बैंक से डिटेल मिलने के बाद करीब ढाई महीने की जांच में पुलिस ने फर्जीवाड़ा कर लोन लेने वाले, दिलाने वालों समेत बैंक के क्रेडिट अफसर समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को क्रेडिट अफसर की गिरफ्तारी के बाद ये बात सामने आई कि गैर जनपद में रहने वाले लोगों के आधार कार्ड में पता बदलकर खाते को रायबरेली स्थानांतरित कराया जाता था, फिर फर्जी कागजात लगाकर लोन कराया जाता था। ऐसे में पुलिस ने अब आधार समेत फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि इसके लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं जो न सिर्फ मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही हैं बल्कि पूर्व में ऐसे अपराध में शामिल रहे संदिग्धों पर भी नजर बनाए हुए हैं। वहीं मामले के राजफाश के बाद से एक बार फिर सलोन में फर्जी जन्मप्रमाण मामले की चर्चा तेज हो गई है।
लोगों का कहना है कि सलोन मामले के खुलासे के बाद कुछ दिनों तक तो प्रशासन सक्रिय रहा, लेकिन धीरे धीरे फिर सब कुछ सामान्य हो गया। यही कारण है कि अब तक कई ऐसे मामले आए, जिनमें लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनाने की शिकायत की, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
यही कारण है कि फर्जी कागजात बनाकर इतना बड़ा घोटाला कर लिया गया। सीओ अरुण कुमार का कहना है कि सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। मामले में शामिल किसी भी आरोपित को छोड़ा नहीं जाएगा।


