कहा कि हालिया बजट में भी दृष्टिबाधितों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जबकि विभिन्न विभागों में उनके लिए आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं। ऐसे में अब जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो वे पीछे नहीं हटेंगे।