यूटी प्रशासन को मार्च महीने में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह में गिरावट का सामना करना पड़ा है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में पोस्ट-सेटलमेंट जीएसटी कलेक्शन 205 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष इसी महीने के 223 करोड़ रुपये की तुलना में 18 करोड़ रुपये कम है। इस तरह कलेक्शन में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, इससे पहले फरवरी महीने में शहर ने 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी। फरवरी 2026 में जीएसटी कलेक्शन 210 करोड़ रुपये रहा, जो फरवरी 2025 के 195 करोड़ रुपये से 15 करोड़ रुपये अधिक था। जनवरी में भी 15 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जब कलेक्शन 255 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 222 करोड़ रुपये से 33 करोड़ रुपये ज्यादा था।पिछले साल दिसंबर में कलेक्शन में मामूली 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी और राजस्व 188 करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर 2024 के 183 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये अधिक था। नवंबर में 6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कलेक्शन 243 करोड़ रुपये रहा, जबकि अक्टूबर में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी और कलेक्शन 233 करोड़ रुपये रहा।
सितंबर में 17 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ कलेक्शन 231 करोड़ रुपये तक पहुंचा था। वहीं जून, जुलाई और अगस्त में गिरावट का रुझान देखने को मिला था। अगस्त में 12 प्रतिशत की गिरावट के साथ कलेक्शन 214 करोड़ रुपये रहा, जबकि जुलाई में 221 करोड़ और जून में 220 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया गया था।
इससे पहले मई 2025 में यूटी ने 53 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की थी, जब जीएसटी कलेक्शन 363 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। अप्रैल में भी 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कलेक्शन 334 करोड़ रुपये रहा था। कुल मिलाकर, यूटी में जीएसटी कलेक्शन में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है, जहां कुछ महीनों में वृद्धि तो कुछ में गिरावट दर्ज की जा रही है।


