अब भारत में ही होगा विमानों का मेंटेनेंस, नोएडा एयरपोर्ट पर 60 करोड़ की लागत से बनेगा MRO हब

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नोएडा एयरपोर्ट और कार्गो टर्मिनल के लोकार्पण के साथ एमआरओ का भी शिलान्यास किया है। 40 एकड़ में इसका निर्माण होगा। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. ने आकासा एयर के साथ अनुबंध किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में भी देश में एमआरओ की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा है कि 85 प्रतिशत एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस रिपेयर और ओवरहालिंग के लिए देश से बाहर जाते हैं। भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है।

नए विमानों के ऑर्डर दे रही कंपनियां

यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए एयरलाइंस नए विमानों के आर्डर दे रही हैं। आने वाले समय में एमआरओ की जरूरत और बढ़ेगी। भारत को एमआरओ सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एमआरओ के निर्माण से यह सुविधा उपलब्ध होगी।

आमदनी बढ़ने के साथ बाहर जाने वाला पैसा बचेगा। युवाओं के लिए रोजगार पैदा होगा। एविएशन उद्योग में कलपुर्जों का निर्माण व उसे बढ़ावा मिलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एमआरओ के निर्माण पर साठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें काेड एयरक्राफ्ट के लिए सुविधा विकसित की जाएगी।

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