बाघ के हमले में बुजुर्ग खीम सिंह की मौत के बाद तड़म गांव का माहौल गमगीन है। स्वजन के आग्रह पर देर रात ही पोस्टमार्टम करा शव उनके सुपुर्द कर दिया गया। इधर डीएफओ दीपक सिंह ने 12 सदस्यीय टीम गठित कर दी है, जो बाघ प्रभावित क्षेत्र में दिन व रात में पेट्रोलिंग करेगी। कार्बेट व कालागढ टाइगर रिजर्व से भी हमलावर बाघ पर नजर रखने में मदद ली जा रही है।
मृतक के आश्रितों को आज बुधवार को विभाग की ओर से ढाई लाख रुपये का फौरी मुआवजे का चेक दिया जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार मुआवजे की शेष राशि जल्द दिलाई जाएगी। एसडीएम ने मोहान से तड़म गांव को जोड़ने वाली रोड पर जंगल से घिरे क्षेत्रों में ब्लाक के माध्यम से शीघ्र सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं।
बीते मंगलवार को दिन में कार्बेट व कालागढ टाइगर रिजर्व से लगे मोहान रेंज स्थित तड़म के जंगल में बाघ ने तड़म गांव निवासी बुजुर्ग खीम सिंह को मार डाला था। वह जंगल में लकड़ियां व घास लेने गए थे। इस वन क्षेत्र से वन्यजीव खासतौर पर बाघ की आवाजाही रहती है। इस बीच बाघ की गतिविधियां बढ़ चुकी थी।
जब रोज की तरह प्रात: दस बजे तक खीम सिंह घर नहीं लौटे तो ग्रामीण वन्यजीव के हमले की आशंका में खीम सिंह को ढूंढने जंगल की ओर निकले। खलगडा गधेरे में क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। प्रशासन व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ दीपक सिंह के निर्देश पर घटनास्थल के पास पिंजरा लगाया गया। बुधवार को एक और पिंजरा लगाया जा रहा है।


