दोहरे हत्याकांड का आरोपित अजय प्रताप सिंह अब जल्दी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाएगा। पुलिस ने जो उसके पैरों पर गोली मारी थी, उनमें एक गोली अभी भी उसके पैर में धंसी हुई है। जब तक उसके पैरों का घाव ठीक नहीं हो जाता, तब तक उसका ऑपरेशन भी संभव नहीं है।
वह ठीक से न तो खड़ा हो पा रहा है और न ही चल पा रहा है। उसे शौच लाने ले जाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से तीन हेल्पर लगा दिए गए हैं।
हत्यारोपित अजय के पैर में गोली लगने से हुआ है फ्रैक्चर
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद 12 मार्च की रात हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह और पुलिस की मुठभेड़ हो गई थी। वह हत्या करने के बाद थाने में सरेंडर हो गया था। जब पुलिस उसको तमंचा बरामद कराने के लिए ले गई थी।
तभी उसने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। उसने पुलिस के ऊपर गोली चला दी थी, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया था और अजय प्रताप को दोनों पैरों पर गोली लगी थी। उसे 13 मार्च को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। तब से वह जिला कारागार के अस्पताल में उपचाराधीन है।
जेल में उठाने-बैठाने को लगाए गए हैं तीन हेल्पर
बताया जा रहा है कि उसके दाहिने पैर पर जो गोली लगी थी, वह अभी भी उसके पैर के मांस में फंसी हुई है। उसके पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है। उसके घाव में कुछ सुधार बताया जा रहा है और गोली लगने से उसके पैर में फ्रैक्चर भी हो गया है। जेल प्रशासन के अनुसार जब तक उसका घाव ठीक नहीं हो जाता, तब तक उसका आपरेशन भी संभव नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि उसका घाव ठीक होने के बाद ही ऑपरेशन किया जाएगा और उसकी गोली निकाल दी जाएगी।
चलने फिरने को लाचार है हत्यारोपित अजय
दो अधिकारियों की हत्या करने वाला अजय इस समय जेल में चलने फिरने तक को लाचार है और वह ठीक से शौचालय तक में नहीं बैठ पाता है। इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से तीन हेल्पर भी लगा दिए गए हैं, जो उसे शौचालय तक उठाकर ले जाते हैं। नहाने के लिए भी बाथरूम में बैठाते हैं और फिर उसके बाद वह दिनभर अस्पताल के बेड पर पड़ा रहता है।
लूट के आरोपित जसविंदर की ही भी हालत खस्ता
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की रिगलिया कालोनी में लूटपाट करने वाले आरोपित जसविंदर को भी पुलिस ने दोनों पैरों पर गोलियां मारी थीं, जिससे वो भी चलने फिरने के लिए मोहताज हो गया। हालांकि अब काफी हद तक ठीक हो गया है लेकिन अभी भी ठीक से पैदल नहीं चल पा रहा है।


