भुल्लर का रिमांड बढ़ा पर खाली हाथ पुलिस, रंधावा सुसाइड केस में 5 दिन की कस्टडी के बाद भी न मोबाइल मिला न डीवीआर

वेयर हाउस के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के आत्महत्या मामले में गिरफ्तार किए गए आप सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से पुलिस पांच दिन में कुछ भी बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस ने बीते दिन रिमांड हासिल करने के दौरान कोर्ट से आग्रह किया था कि उन्होंने (पुलिस) आरोपित लालजीत सिंह भुल्लर का मोबाइल, घर की डीवीआर, हार्ड डिस्क के अलावा कुछ अन्य सबूत बरामद करना चाहती है।

पांच दिन का पुलिस रिमांड समाप्त होने पर थाना रंजीत एवेन्यू की पुलिस ने रविवार की दोपहर आरोपित को एक बार फिर ड्यूटी मैजिस्ट्रेट हिना अग्रवाल की अदालत में पेश किया। पुराने सवाल रिमांड पेपर पर दोहराते हुए पुलिस द्वारा पांच दिन का रिमांड लेने का कोर्ट से आग्रह किया गया। आरोपित पक्ष के वरिष्ठ वकील अजय कुमार विरमानी ने पुलिस की उक्त कार्रवाई को राजनीतिक स्टंट बताया है।

उन्होंने बताया कि अगर पुलिस पांच दिन में भी उक्त सामान बरामद नहीं कर सकी तो दोबारा रिमांड मांगना सोच से परे है। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को आंखों में धूल झोंकना करार दिया है। एक घंटे से भी ज्यादा चली बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपित का तीन दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया है। यही नहीं, पुलिस ने बताया कि पूर्व मंत्री को रिमांड हासिल करना जरूरी है। क्योंकि मामले में अन्य आरोपित मंत्री के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर, पीए दिलबाग सिंह गिल और दो अन्य आरोपितों की पहचान कर उन्हें काबू किया जाना है।

उल्लेखनीय है कि वेयर हाउस के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने मंत्री लाल जीत सिंह भुल्लर से दुखी होकर अपने घर में जहरीला पदार्थ निगल लिया था। घटना के बाद पुलिस थाने में केस दर्ज करवाने के लिए पीड़ित परिवार को काफी जदोजहद करनी पड़ी थी। सरकार ने मंत्री से इस्तीफा भी ले लिया था। आरोप है कि मंत्री अपने पिता के नाम पर गोदाम तैयार करवाने के लिए टेंडर अलाट करवाना चाहता था।

जिसे मैनेजर गगनदीप सिंह ने इनकार कर दिया। आरोप था कि मंत्री ने गगनदीप सिंह को 13 मार्च की शाम अपने घर बुलाया था और वहां उसके साथ मारपीट की। उसके परिवार को बर्बाद करने की धमकियां दी गई। जलील तक किया गया और गैंग्सटरों से मरवाने की धमकियां दी गई थीं।

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