जिला परिषद में अध्यक्ष राजेन्द्र यादव और उपाध्यक्ष सोनी सिंंं के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जिप अध्यक्ष राजेंद्र यादव द्वारा भेजे गए पत्र के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए विशेष बैठक की तारीख तय कर दी है। डीएम नवदीप शुक्ला के निर्देश पर आगामी 28 मार्च को समाहरणालय सभागार में यह बैठक आयोजित होगी। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
सदस्यों ने सौंपा पत्र
जानकारी के अनुसार पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुनील सिंह सहित 18 सदस्य मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग करते हुए पत्र सौंपा था। इसके बाद अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने बैठक की तिथि निर्धारण के लिए डीएम को पत्र लिखा। प्रशासन ने नियमानुसार इस बैठक की तिथि तय कर दी।
हस्ताक्षर करने वाले सदस्य
अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह, सुजाता वैद्य, नीलम सिंह, सिम्पल देवी, सोनी सिंह, विश्वजीत दीपांकर, मो. रफीक आलम, बलजीत सिंह बिट्टू, सौरभ कुमार सिंह, विभा देवी, दृष्टि कुमारी, कल्पना देवी, मोना देवी, अंजना देवी, अंजु कुमारी, प्रीतम कुमार साह, शारदा देवी और गायत्री देवी शामिल हैं।
कार्यकाल और राजनीतिक स्थिति
जिला परिषद अध्यक्ष का कार्यकाल अब करीब आठ महीने का रह गया है। पंचायती राज अधिनियम 2006 के अनुसार छह महीने से अधिक कार्यकाल शेष होने पर ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वर्तमान में आठ महीने शेष हैं। पिछली बार पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह और उपाध्यक्ष नीलम देवी के कार्यकाल पूरा होने के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। अब फिर अध्यक्ष राजेंद्र यादव और उपाध्यक्ष सोनी देवी के खिलाफ राजनीतिक सर गर्मी बढ़ गई है।
सदस्यों के आरोप
अविश्वास प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि योजनाओं में भेदभाव किया गया, अध्यक्ष ने अपने पद का दुरुपयोग कर परिजनों को लाभ पहुंचाया। उप-समितियों की बैठकें नियमित नहीं हुईं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए। दुकानों के आवंटन में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी देखी गई। बैठकों में लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से नहीं हुआ और बिना वार्षिक बजट पारित किए योजनाएं लागू की गईं।


