गढ़मुक्तेश्वर में लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब बनाने की तैयारी, दिल्ली-मेरठ-मुरादाबाद कनेक्टिविटी का फायदा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क के बीच गढ़मुक्तेश्वर अब क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बड़े केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।

गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-09 और प्रस्तावित क्षेत्रीय लिंक मार्गों के जुड़ने से गढ़ क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र परिवहन, व्यापार और औद्योगिक विकास का प्रमुख हब बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के साथ गंगानगरी क्षेत्र को सीधे राष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। सदरपुर क्षेत्र से एक्सप्रेसवे का लिंक बुलंदशहर के स्याना होते हुए जेवर एयरपोर्ट को जोडऩे वाले हाईवे से प्रस्तावित है।

यहां से गंगा एक्सप्रेसवे को इंटरलिंक दिया जा सकता है, जो गढ़ क्षेत्र सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से लखनऊ को जोडऩे वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पहले ही गढ़ होकर गुजरता है।

अब मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट से सड़क संपर्क मजबूत होने के कारण गढ़मुक्तेश्वर गंगानगरी भौगोलिक रूप से ट्रांसपोर्ट जंक्शन की भूमिका निभाने लगा है।

निवशकों का मानना है कि सड़क नेटवर्क के इस विस्तार से माल परिवहन की लागत कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। गंगा किनारे स्थित धार्मिक नगरी होने के कारण गढ़मुक्तेश्वर पहले ही पर्यटन और आस्था का बड़ा केंद्र रहा है।

बेहतर सडक़ों और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से अब दिल्ली-एनसीआर, मेरठ मंडल और पूर्वी उत्तर प्रदेश से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी। इससे स्थानीय होटल, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

क्षेत्र में बढ़ेंगी लाजिस्टिक गतिविधयां

क्षेत्रीय विकास योजनाओं के तहत प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे और लाजिस्टिक गतिविधियां भी गढ़ क्षेत्र के आसपास आकार ले सकती हैं। भूमि उपलब्धता और हाईवे कनेक्टिविटी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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