‘अफगानिस्तान में अराजकता फैलाना चाहता है पाकिस्तान’, पूर्व राष्ट्रपति करजई ने एयरस्ट्राइक पर PAK को सुनाया

पूर्व अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर की गई हवाई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। करजई ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार अफगानिस्तान के साथ कोई भी समझदार और सभ्य संबंध नहीं रख पाई है। उन्होंने इस घटना को दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

स्काई न्यूज के अनुसार, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि उन्होंने खुद बमबारी की भयानक आवाज सुनी। उनके घर में कंपन हुआ और आसपास का इलाका धुआं और धूल से भर गया। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

पाकिस्तान पर लगातार आरोप

करजई ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार अफगानिस्तान की किसी भी सरकार के साथ अच्छे संबंध नहीं रख पाई। चाहे वह राजशाही हो, गणतंत्र हो या अब तालिबान शासन हो। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने बेहतर संबंधों के लिए 20 बार पाकिस्तान का दौरा किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में अराजकता, कमजोरी और दबे-कुचले हालात पैदा करके अपना हित साधना चाहता है। करजई बोले कि पाकिस्तान की सरकार अफगानिस्तान के साथ समझदार, उचित और सभ्य संबंध नहीं चाहती। यह बहुत गलत है। मुझे उम्मीद है कि वे अपना मन बदलेंगे और अफगानिस्तान के साथ स्थिर एवं सभ्य संबंध की तलाश करेंगे।

पाकिस्तानी हवाई हमलों से शुरू हुआ संघर्ष

यह संघर्ष फरवरी के अंत में शुरू हुआ, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले अफगान तालिबान और अन्य आतंकियों के सैन्य ठिकानों पर सटीक थे, जिनमें तकनीकी उपकरण और गोला-बारूद भंडार शामिल थे।

इन हमलों से पाकिस्तानी नागरिकों पर हमले हो रहे थे। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, इस संघर्ष से अब तक 1 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं।

काबुल में अस्पताल पर हमला

इस सप्ताह संघर्ष और तेज हो गया, जब अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक ड्रग एडिक्ट्स के इलाज वाले अस्पताल पर मिसाइल हमला होने का आरोप लगा। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 250 घायल हुए।

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