छतीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में बसे कारकाबेड़ा गांव में आजादी के सात दशक बाद शिक्षा की पहली किरण पहुंची है।
यहां पहली बार प्राथमिक विद्यालय की शुरुआत हुई, जो ग्रामीणों के लिए किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है। इस स्कूल को खोलना आसान नहीं था। दुर्गम रास्तों और संसाधनों की कमी के बीच अधिकारियों को करीब पांच घंटे पैदल चलकर गांव तक पहुंचना पड़ा।
इसके बाद किए गए सर्वे में 20 बच्चों को शिक्षा के योग्य पाया गया, जिनके लिए तत्काल स्कूल शुरू किया गया। इस पहल के पीछे कलेक्टर नम्रता जैन और जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलको की अहम भूमिका रही।
कोड़ेनार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल की मांग रखी थी। इसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया। विद्यालय के शुभारंभ के मौके पर बच्चों को नि:शुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, स्लेट और पेंसिल वितरित किए गए।


