गुरुवार को ऑल इंडिया गठवाला (मलिक) खाप ने बरोदा रोड स्थित मलिक भवन में खाप के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय दादा घासीराम मलिक की 157वीं जयंती मनाई। समारोह में समुदाय के कल्याण और विकास से जुड़े सात प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए।
मृत्युभोज की प्रथा पर रोक
खाप ने मलिक खानदान में मृत्युभोज की प्रथा पर रोक लगा दी। अब किसी भी व्यक्ति की मौत के बाद एक साधारण शोक सभा होगी। समारोह की अध्यक्षता खाप अध्यक्ष दादा बलजीत सिंह मलिक ने की। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक और विशेष अतिथि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा थे। दादा बलजीत सिंह मलिक ने कहा कि मलिक खाप के सभी गांवों की एक आधिकारिक लिस्ट बनाई जाएगी।
यह लिस्ट समय-समय पर होने वाली बैठकों के जरिए बांटी जाएगी। हर गांव में मुख्य चौपाल या किसी खास जगह पर बोर्ड या ग्रेनाइट पत्थर पर खाप का संक्षिप्त इतिहास लिखा जाएगा। इससे नई पीढ़ी को खाप के इतिहास से परिचित होने में मदद मिलेगी।
दादा मलिक ने कहा कि खाप ने देखा कि कुछ लोग मृत्युभोज को इज्जत का मामला बनाते हैं और बड़े इवेंट करते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बेवजह बोझ पड़ता है।
भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी
इसलिए मृत्युभोज पर बैन लगाया गया। खाप ने पंचायतों में खुद को अधिकारी बताने वालों के पगड़ी बांधने के रिवाज की बुराई की और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी।
इसके अलावा, इसने लिव-इन रिलेशनशिप की बुराई की और माता-पिता की सहमति से लव मैरिज का सपोर्ट किया। स्पीकर्स ने बच्चों को नैतिक और सामाजिक शिक्षा देने के महत्व पर जोर दिया और घर को प्राइमरी स्कूल बनाने की वकालत की। खाप ने हांसी के सात बास में अपने योद्धा वीर जाटव सिंह मलिक की मूर्ति लगाने का फैसला किया।


