प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत संदिग्ध आवेदकों का डाटा सत्यापन पूरा हो गया है। अब शासन स्तर से अपात्रों के नाम सूची से हटाए जाएंगे, इसके बाद पात्रता सूची फाइनल की जाएगी। योजना के तहत जिले में 1.48 लाख आवेदन हुए थे, जिसमें से 61 हजार 578 डाटा संदिग्ध मिलने पर फिर से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के बाद आनलाइन रिपोर्ट भेज दी गई हैं। वहीं, करीब 86 हजार आवेदक पहले चरण में पात्र मिलने पर उनके आवेदन स्वीकार कर लिए गए थे।
नंबर गेम
– 16 विकासखंड
– 1192 ग्राम पंचायत
– 1.48 लाख आवेदकों का हुआ सर्वे
– 1.20 लाख रुपये मिलेंगे आवास निर्माण के लिए
आवास के लिए ये हैं पात्र
– आश्रय विहीन परिवार
– कच्चे व जीर्णशीर्ण मकान में रहने वाले
– बेसहारा व भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले
– जनजातीय समूह
– वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरप्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के 15 ब्लाकों में माडल आवास का निर्माण कराया जा रहा है। छह से अधिक ब्लाकों में माडल आवास बनकर तैयार हो गए हैं। माडल आवास निर्माण का मकसद ग्रामीणों को जानकारी देने के साथ ही योजना का प्रचार-प्रसार करना है। पंड़रीकृपाल ब्लाक परिसर में भूमि उपलब्ध न होने के कारण चयन नहीं हो सका है।


