‘CM सुक्खू का व्यवहार ऐसा नहीं कि उनके साथ कहीं जा सकें’, जयराम की नसीहत; RDG का रोना छोड़कर वित्तीय प्रबंधन सुधारें
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का व्यवहार ऐसा नहीं हैं कि उनके साथ कहीं जाया जा सके। भाजपा के लिए हिमाचल के हित सर्वोपरि हैं। भाजपा अपने तरीके से केंद्र के समक्ष बात रखेगी। मुख्यमंत्री जिस तरह से केंद्र सरकार को कोसने का काम कर रहे हैं।
वे महज राजनीति कर रहे हैं, उन्हें हिमाचल से कोई लेना देना नहीं हैं। वे राजनीतिक हित साधने के लिए हिमाचल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका जवाब भी राजनीतिक तौर पर ही दिया जा रहा है। उन्होंने प्रेसवार्ता में दावा किया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से लगातार केंद्र सरकार से भरपूर सहयोग ले रही है।
गंभीर टिप्पणियां कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास
इसके बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। वास्तविक मुद्दा यह नहीं है कि केंद्रीय बजट में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का उल्लेख हुआ या नहीं, बल्कि असली प्रश्न यह है कि जब यह ग्रांट हिमाचल प्रदेश को मिल रही थी, तब भी राज्य सरकार वित्तीय संकट का रोना रो रही थी।
वित्तीय कुप्रबंधन के लिए राज्य सरकार जिम्मेवार
आरडीजी बंद हुई है तो वर्तमान कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी वित्तीय प्रबंधन करे और प्रदेश को आगे ले जाए। अपनी नाकामियों का दोष केंद्र या पूर्व सरकारों पर डालना समस्या का समाधान नहीं है। वित्तीय कुप्रबंधन के लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जिम्मेवार है, राज्य वित्तीय आपातकाल की ओर बढ़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होना परंपरा और नियम दोनों का हिस्सा है, सरकार रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट पर राजनीतिक प्रस्ताव लाने पर आमादा थी।
आरडीजी बंद होने के पीछे सरकार की भी विफलता
भाजपा हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ खड़ी है और प्रदेश हित सर्वोपरि है। यदि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई है तो सरकार को यह भी समझना चाहिए कि अपने पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने में उसकी विफलता भी इसका कारण हो सकती है। केवल राजनीतिक भाषणों से आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए ठोस नीति और वित्तीय अनुशासन आवश्यक है। इतनी बड़ी वित्तीय गतिविधियों के बावजूद सरकार संकट का माहौल क्यों बना रही है।


