शहर में नंबर टेंपरिंग कर सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ बुधवार को यातायात पुलिस और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चौंकाने वाला मामला सामने आया। पुलिस लाइन रोड स्थित सैंडिस कंपाउंड गेट के पास जांच के दौरान एक मोटरसाइकिल पकड़ी गई, जिस पर लगा नंबर प्लेट किसी आटो का निकला।
पोर्टल पर जांच करने पर JH 17 K 5263 नंबर फर्जी पाया गया। चेसिस नंबर के मिलान के बाद खुलासा हुआ कि बाइक का वास्तविक नंबर BR 10 Q 9279 है, जो राजहंस कुमार के नाम से पंजीकृत है। पूछताछ में चालक ने बताया कि उसने 17 मार्च 2023 को बेलहर, बांका में उत्पाद विभाग की नीलामी से 4000 में यह बाइक खरीदी थी।
उसका दावा है कि उसे फर्जी नंबर प्लेट की जानकारी नहीं थी और पहले मोटरसाइकिल घर पर ही रहती थी। पिछले 6 महीने से एम.एड में नामांकन के बाद वह बाइक का उपयोग करने लगा है। यातायात डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि बाइक को जब्त कर यातायात थाना ले जाया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ये सवाल है जरूरी
हालांकि, इस पूरे मामले ने उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना सही दस्तावेजी सत्यापन और नंबर मिलान के वाहन नीलाम कैसे कर दिया गया? क्या विभाग ने औपचारिक जांच नहीं की?
वहीं, खरीदार की लापरवाही भी सामने आई है, जिसने कागजात की पुष्टि किए बिना वाहन खरीद लिया। अब देखना है कि जिम्मेदारी किस पर तय होती है। वहीं इस जांच के दौरान एएसपी संयम राजा भी मौजूद थे।
शहर में रोज चलेगा विशेष जांच अभियान, स्लोगन और नंबर टेंपरिंग पर सख्ती
शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अब प्रतिदिन विभिन्न चौक-चौराहों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। बुधवार को हुई कार्रवाई के दौरान खास तौर पर एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) नंबर प्लेट की जांच की गई। साथ ही वाहनों पर बेतरतीब ढंग से लिखे गए स्लोगन पर भी सख्ती बरती गई।


