देवीपाटन मंडल के बलरामपुर में जिला सहकारी बैंक खोलने के लिए कवायद तेज हो गई है। सहकारी समिति के पंजीकरण के बाद नाबार्ड की संस्था नेपकेन को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद साेसायटी रिजर्व बैंक आफ इंडिया में जिला सहकारी बैंक खोलने को लेकर लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा। इस सहकारी बैंक से गोंडा व बलरामपुर के करीब आठ लाख किसानों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2025 में बलरामपुर जिले में एक नया जिला सहकारी बैंक स्थापित करने की घोषणा की थी। जिला सहकारी बैंक खोलने में मदद के लिए सदस्यता अभियान चलाया गया था। रिजर्व बैंक में लाइसेंस के लिए 51 लाख रुपये की एफडी (फिक्स्ड डिपाजिट) देनी है।
गोंडा व बलरामपुर जिले के पांच लाख किसानों को जिला सहकारी बैंक में लेनदेन करने का लाभ मिलेगा। बलरामपुर भगवतीगंज स्थित क्रय-विक्रय समिति के गोदाम में जिला सहकारी बैंक खोलने की तैयारी की जा रही है। सोसायटी का पंजीकरण हो गया है।
नाबार्ड ने सोसायटी की दायित्व व देनदारी के सर्वे की जिम्मेदारी नेपकेन नामक संस्था को सौंपी है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक में लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।
नए वित्तीय वर्ष में जिला सहकारी बैंक के संचालन की उम्मीद है। उप निबंधक सहकारिता अरविंद प्रकाश ने बताया कि बलरामपुर जिला सहकारी बैंक के लिए सोसायटी का पंजीकरण हो गया है।
नाबार्ड की संस्था सर्वे कर रही है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस के लिए आवेदन कराया जाएगा।
गोंडा व बलरामपुर में हैं 223 सहकारी समितियां
गोंडा जिले में 161 व बलरामपुर जिले में 62 सहकारी समितियां हैं। जिला सहकारी बैंक की स्थापना से सहकारी समितियों को व्यवसाय के लिए कैश क्रेडिट लिमिट मिलेगी। वहीं, किसानों को फसली ऋण मिल सकेगा। गोंडा में संचालित जिला सहकारी बैंक घाटे के कारण वर्ष 2002 में बंद हो गया था


